काशी में अब पर्यटक ले सकेंगे जंगल सफारी का आनंद

वाराणसी

मूल स्वरूप को कायम रखते हुए क्योटो की तर्ज पर काशी को  विकसित करने की मुहिम अब धीरे-धीरे रंग लाने लगी है। जापान की मियावाकी तकनीक से वाराणसी  के उंदी गांव में  प्रकृति प्रेमियों के लिए जंगल विकसित होगा, जिससे प्रकृति प्रेमियों  को अब अपने ही शहर में जंगल का भरपूर आनंद मिल पाएगा। वेट लैंड विकसित करने के साथ मियावाकी तकनीक से जंगल बसाया जायेगा, जिससे  पर्यावरण संरक्षण को मदद मिलेगी और ईको टूरिज़्म को भी बढ़ावा मिलेगा। 

वाराणसी मुख्यालय से क़रीब 15 किलोमीटर दूर उंदी गांव में पर्यावरण पर्यटन के लिए जंगल विकसित किये जाने की योजना पर योगी सरकार अब तेजी से काम कर रही है। जापान की मियावाकी तकनीक का इस्तेमाल इस नेचुरल फारेस्ट को बनाने में किया जाएगा। इस क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त रखे जाने के साथ पर्यावरण संरक्षण बनाए रखने के लिए वेट लैंड कम फारेस्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। अब धर्म  व अध्यात्म की नगरी काशी में पर्यटक नैसर्गिक जंगल का भी मजा ले पाएंगे।

वाराणसी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने बताया कि  इसके लिए विकास प्राधिकरण ने प्रस्ताव बनाकर पर्यटन विभाग के पास भेजा है। प्रस्तावित वन क्षेत्र वाराणसी से जौनपुर मुख्य मार्ग से गाज़ीपुर रोड वाली रिंग रोड बाईपास से करीब 6 किलोमीटर दूर है। उंदी गांव के इस क्षेत्र के करीब 36.225 हेक्टेयर में नेचुरल फारेस्ट विकसित किया जायेगा, जिसकी लगभग 4.3 किलोमीटर की फेंसिंग का काम शुरू हो चुका है।


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