कांच की बोतल के पुनर्पयोग पर कार्ल्सबर्ग का फोकस

glass bottles

नई दिल्ली

अनुपचारित (अनट्रीटेड) अपशिष्ट की दैनिक आमद के चलते भारत पर बोझ काफी बढ़ चुका है और लैंडफिल्स यानी कचरा भराव भूमि तेजी से कम होती जा रही है। लगभग 3.1  मिलियन टन (1) अपशिष्ट, जो कि भारत में वार्षिक रूप से इकट्ठा होने वाले कचरे का 70% से अधिक है, अनुपचारित पड़ा रहता है। यह एक चिंताजनक आंकड़ा है। फिलहाल देश में घरेलू और व्यावसायिक अपशिष्ट के प्राथमिक प्रवाहों में कांच भी एक है।

फिर से इस्तेमाल हो सकने वाली पैकेजिंग पर्यावरणीय दुष्प्रभावों को कम करने के लिए एक बढ़िया विकल्प है। अभी जिन कारकों पर ध्यान देने की जरूरत है उनमें से एक है उपभोक्ता पैकेजिंग में ग्लास का उपयोग और पर्यावरण पर इसके असर। हो सकता है ज्यादा लोग न जानते हों कि रिटर्नेबल ग्लास बॉटल (आरजीबी) फिलहाल उपलब्ध सबसे अधिक पर्यावरण अनुकूल उपभोक्ता पैकेजिंग है। वजह है इसकी संसाधन दक्षता और कम कार्बन फुटप्रिंट।


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