कोरोना कहरः राज्यों को पाबंदियां लगाने का अधिकार

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नई दिल्ली

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह से सतर्क हो गई है। एक तरफ कैबिनेट ने 45 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को टीका लगाने के अभियान को एक अप्रैल से शुरू करने को मंजूरी दी है तो वहीं एक अप्रैल से ही नई गाइडलाइंस भी लागू करने का फैसला लिया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइंस में राज्य सरकारों को टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट की पॉलिसी को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया गया है। नई गाइडलाइंस एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक के लिए लागू होंगी। केंद्र ने राज्यों से टेस्टिंग को भी बढ़ाने की बात कही है और पॉजिटिव आए लोगों का इलाज सुनिश्चित करने को कहा है।

कंटेनमेंट जोन तैयार करने पर जोर

इसके अलावा ट्रैक की पॉलिसी पर काम करते हुए टेस्ट में पॉजिटिव आए लोगों की जानकारी जुटाने और उनकी भी टेस्टिंग करने का आदेश दिया गया है। इन लोगों को आइसोलेट करने का आदेश दिया गया है। यही नहीं केंद्र सरकार ने कहा है कि जिला प्रशासन को माइक्रो लेवल पर कंटेनमेंट जोन तैयार करने पर जोर देना चाहिए। यही नहीं सभी जिला अधिकारियों की ओर से डिस्ट्रिक्ट की वेबसाइट पर कंटेनमेंट जोन्स के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। यह लिस्ट केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ भी समय-समय पर साझा करने को कहा गया है। मंत्रालय ने कहा है कि कंटेनमेंट जोन वाले इलाकों में सख्ती के साथ हाउस टू हाउस सर्विलांस और कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग किए जाने की जरूरत है।

जिला, शहर और वार्ड लेवल तक में सख्ती कर सकते हैं राज्य                                                                       मंत्रालय ने कहा है कि कंटेनमेंट जोन में नियमों के पालन के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस जिम्मेदार होंगे। इसके अलावा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही राज्य सरकारों की ओर से तय की जाएगी। वर्कप्लेसेज पर भी जरूरी नियमों को तय करने का अधिकार राज्यों को दिया गया है। यही नहीं मास्क, हैंड हाइजीन, सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों में सख्ती और फाइन तय करने का हक भी राज्यों के पास होगा। इसके अलावा राज्यों को जिला, तहसील और शहर या वार्ड के लेवल पर भी कोरोना से जुड़ी पाबंदियां तय करने का अधिकार दिया गया है।

एक से दूसरे राज्य में एंट्री पर कोई रोक नहीं

केंद्र सरकार ने भले ही टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट पॉलिसी के जरिए कोरोना गाइडलाइंस को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है, लेकिन एक से दूसरे राज्यों में आवाजाही पर कोई रोक नहीं है। केंद्र ने स्पष्ट किया है  कि किसी भी राज्य के भीतर या फिर एक से दूसरे राज्य में आवागमन पर कोई रोक नहीं होगी। इसके अलावा मूवमेंट के लिए किसी भी तरह के अप्रूवल या फिर ई-परमिट की भी जरूरत नहीं है। नई गाइडलाइंस 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक लागू रहेंगी।


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