विपक्ष पर जमकर बरसे मुख्यमंत्री

  हमने अन्न से भरी थाली दी, खाली थाली नहीं पिटवाई...

uddhav thackeray

मुंबई

विधानमंडल के बजट अधिवेशन में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। मुख्यमंत्री ने वीर सावरकर, हिंदुत्व, कोरोना, डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमत, स्टेडियम का नामकरण, सीमा विवाद सहित अन्य मसलों पर विपक्ष को खरी खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि हमने पांच रुपए में शिवभोजन दिया। इस पर सवाल खड़े किए गए। हमने अन्न से भरी थाली दी, कोरोना में खाली थाली नहीं पीटने दी। आपको तय करना है कि भरी थाली चाहिए या खाली थाली।

कोई खलनायक कहे, परवाह नहीं...

मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन लगाने की हमारी इच्छा नहीं है। विपक्ष के लॉकडाउन लगाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में लॉकडाउन लगाया गया है, क्या वहां की स्वास्थ्य सुविधाएं अमरावती से अच्छी नहीं है? उन्होंने कहा कि हमने स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किया है, अगर कोई मुझे खलनायक कहता है, तो मैं इसकी परवाह नहीं करूंगा, अपने राज्य के लोगों की जिम्मेदारी मेरी है। मुझे लोगों की जीवन आपकी संकुचित राजनीति से अधिक प्यारा है। मैं लोगों की जिंदगी से खुलने वालों को जेल में डालने से नहीं हिचकूंगा। पृथक विदर्भ की मांग पर उन्होंने कहा कि वह मेरी नानी का घर है, आप मुझसे इसे अलग नहीं कर सकते।

पेट्रोल का शतक, गैस एक हजारी

फडनवीस के बयान फेसबुक लाइव में मग्न सरकार पर टिप्पणी करते हुए ठाकरे ने कहा कि मैंने राज्य के लोगों को आश्वस्त करने की कोशिश की। मैंने उन्हें बताया कि कोरोना संकट काल में क्या करना है और क्या नहीं करना है। मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि महाराष्ट्र के लोग मुझे अपने परिवार का सदस्य मानते हैं। उन्होंने कहा कि पेट्रोल शतक बना रहा है और गैस एक हजारी हो गई है।  

सावरकर को क्यों नहीं दिया भारत रत्न...

उद्धव ठाकरे ने कहा कि वीर सावरकर को लेकर भाजपा बहुत प्रेम दिखा रही है। सावरकर को भारत रत्न दिए जाने के लिए हमने दो बार केंद्र सरकार को पत्र भेजा गया, लेकिन उन्हें भारत रत्न नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि सिर्फ भारत माता की जय बोलने से देशप्रेम साबित नहीं होता है। 

देश किसी की निजी संपत्ति नहीं...

उन्होंने कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे किसानों की उनकी बिजली काटी जा रही है। किसानों के रास्ते में कील ठोंकी जा रही है। किसान क्या आतंकवादी है। देश किसी की निजी संपत्ति नहीं है। हमारी सरकार किसानों को एमएसपी नहीं ठोस भाव देना चाहती है।

पहले भी हिंदू थे, आज भी हैं, आगे भी रहेंगे...

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे को याद करने के लिए मैं आपका आभारी हूं। मातोश्री बाला साहेब ठाकरे का मंदिर है। उस बंद कमरे में मेरे और अमित शाह के बीच चर्चा हुई थी। उसे आप कैसे खारिज कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पहले भी हिंदू थे, हम आज भी हैं और कल भी रहेंगे। भाजपा हमें हिंदुत्व न सिखाए।

शरजील को पकड़ने में यूपी करे मदद...

राम मंदिर मामले पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि जब बाबरी मस्जिद गिराई, तब कोई सामने आया नहीं। सिर्फ बालासहेब पीछे नहीं हटे। छह साल सरकार में थे, तब राम मंदिर के लिए कानून क्यों नहीं बनाया? सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर का फैसला दिया। अब मंदिर के लिए लोगों से चंदा मांग रहे हैं। इनका क्या सिर्फ हमारा नाम आना चाहिए? शरजील उस्मानी पर हम कार्रवाई करके ही रहेंगे। शरजील हमारी नहीं उत्तर प्रदेश की गंदगी है। उसे पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को सहयोग करना चाहिए।  

हम वहां कोई मैच नहीं हारेंगे...

उद्धव ठाकरे ने अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम का नाम बदलने को लेकर तंज कसते हुए कहा कि अब तो मुझे लगता है कि हम एक भी मैच नहीं हारेंगे क्योंकि स्टेडियम का नाम बदल दिया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सभी महापुरुषों को अपना बता रही है। सरदार वल्लभ भाई पटेल हो या फिर सावरकर। हमने छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर हवाई अड्डे का नाम रखा है, लेकिन उन्होंने तो सरदार पटेल स्टेडियम का नाम बदल दिया है।

मराठी को विशेष दर्जा नहीं...

सीएम ने आगे ये भी कहा कि हमें आपसे हिंदुत्व नहीं सीखना है। हम आपको विश्वास दिलाते हैं कि औरंगाबाद का नाम हम समभाजी नगर करेंगे। उद्धव ने कहा कि जिन्होंने अफजल गुरु को शहीद बताने वालों के साथ मिलकर सरकार बनाई उन्हें हिंदुत्व की बात शोभा नहीं देती है। छत्रपति शिवाजी की मातृभाषा मराठी को केंद्र सरकार विशेष दर्जा नहीं दे रही है।

कोरोना कहता है ...मैं फिर आऊंगा...

मुख्यमंत्री ठाकरे ने देवेद्र फड़नवीस पर तंज कसते हुए कहा कि कोरोना कहता है कि मैं फिर आऊंगा, मैं फिर आऊंगा। कोरोना एक खतरनाक वायरस है, इसलिए सावधान रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी मुस्तैदी के साथ जुटी हुई है। भले ही वैक्सीन आ गई है।


Labels:

Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget