भाषा के कारण न मरने पाए गरीब बच्चे का टैलेंट : पीएम


नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोनाकाल में एक तरफ पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों के लिए रैलियां भी कर रहे हैं। दूसरी ओर विभिन्न विषयों और सेक्टर्स पर वेबिनार में भी शामिल हो रहे हैं। पीएम मोदी ने बुधवार को देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एजुकेशन, रिसर्च और स्किल डेवलपमेंट के महत्व पर चर्चा की। इस दौरान पीएम मोदी ने युवाओं में आत्मविश्वास के महत्व को समझाया। मोदी ने कहा, 'आत्मविश्वास तभी आता है, जब उसको एहसास होता है कि उसकी पढ़ाई, उसे अपना काम करने का अवसर और जरूरी स्किल दिया जा रहा हो। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति इसी सोच के साथ बनाई गई है।'

पीएम ने कहा कि प्राइमरी से लेकर हायर एजुकेशन तक भारतीय भाषाओं में कंटेंट को तैयार करना होगा। भाषा के कारण गरीब बच्चों के टैलेंट को मरने नहीं देना चाहिए। पीएम ने कहा कि हमें पुरानी सोच को अब पीछे छोड़ना होगा। 21वीं सदी के भारत में 19वीं सदी की सोच को पीछे छोड़कर आगे बढ़ना होगा। उच्च संस्थानों में अब रिसर्च के साथ ही स्टार्टअप्स पर फोकस किया जा रहा है। देश में तीन सुपर कंप्यूटर स्थापित किए जा चुके हैं। इस साल 12 संस्थानों में सुपर कंप्यूटर लगाए जाएंगे। प्राइमरी से लेकर हायर एजुकेशन तक भारतीय भाषाओं में कंटेंट को तैयार करना होगा। भाषा के कारण गरीब बच्चों के टैलेंट को मरने नहीं देना चाहिए।

पीएम मोदी ने वेबिनार में कहा, 'आज का ये मंथन ऐसे समय में हो रहा है, जब देश अपने पर्सनल, इंटेलेक्चुअल, इंडस्ट्रियल टेंपरामेंट और टैलेंट को दिशा देने वाले पूरे इकोसिस्टम को ट्रांसफॉर्म (बदलाव) करने की तरफ तेजी से बढ़ रहा है।' उन्होंने कहा, 'बीते वर्षों में शिक्षा, रोजगार को उद्यम की क्षमता से जोड़ने का जो प्रयास किया गया है, ये बजट 2021 उनको और विस्तार देता है। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज वैज्ञानिक प्रकाशन के मामले में भारत टॉप तीन देशों में आ चुका है।


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