मां का आंचल बन गया मौत का फंदा

बक्सर

 अक्सर हम जब किसी काम में व्यस्त रहते हैं तो बच्चों को बरबस ही बोल देते हैं, जाओ खेलो। या छोटे बच्चों को कई दफा अकेला ही घर में छोड़कर थोड़ी देर को किसी काम से निकल जाते हैं। पर लोग नहीं सोचते कि थोड़ी सी यह लापरवाही कभी-कभी बहुत भारी भी पड़ जाया करती है। ऐसा ही वाकया शुक्रवार की सुबह 11 बजे के करीब बक्सर जिले के चौसा में सामने आया है, जब खेल-खेल में ही गले मे फंदा कस जाने से एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। जब तक घर के सदस्य लौट कर घर आए तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के खिलाफतपुर गांव की है। नावानगर में वीएलडब्लू के पद पर कार्यरत लाल बहादुर राम का 9 वर्षीय पुत्र भव्य कुमार कमरा के अंदर अकेले खेल रहा था, जबकि उसकी मां बाहर किचेन में खाना बना रही थी व छोटी बहन बाहर खेल रही थी। कुछ देर बाद बच्चे की आवाज नहीं सुनाई देने पर मां ने आवाज लगाई, पर कोई जवाब नहीं मिलने पर उसे देखने के लिए जैसे ही कमरे में पहुंची कि अंदर का नजारा देखते ही उसके होश उड़ गए और चिल्लाने लगी। दरअसल एस्बेस्टस के छत की कुंडी से लगे झूले पर बैठे 9 वर्षीय भव्य के गले में झूले की रस्सी कस जाने के कारण लिपटी पड़ी थी और दम घुट जाने से उसकी मौत हो चुकी थी। इस बीच मां के चिल्लाने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग दौड़ पड़े और बच्चे को झूले से उतार आनन फानन में स्थानीय पीएचसी पहुंचे, जहां जांच के बाद चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।


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