किसान आंदोलन खत्म कराने में बाधा डाल रहीं राष्ट्र विरोधी ताकतें


बेंगलुरु

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शुक्रवार को दावा किया कि केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन का समाधान निकालने की दिशा में प्रयासों को राष्ट्र विरोधी और समाज विरोधी ताकतें विफल करने की कोशिश कर रही हैं। यह किसी के हित में नहीं है कि किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन लंबे समय तक चले।

संघ ने अपनी रिपोर्ट-2021 में कहा कि विचार विमर्श जरूरी है और किसी सहमति पर पहुंचना भी आवश्यक है, भले ही सभी मुद्दों का समाधान न हो सके। यह भी चिंता का विषय है कि विरोध प्रदर्शनों की वजह से रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हुआ है और समस्या तब और गंभीर हो गई जब राष्ट्र विरोधी और समाज विरोधी ताकतों ने समाधान की दिशा में जारी प्रयासों को विफल करने की कोशिश की।

संघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि वर्तमान आंदोलन के नेतृत्व को ऐसी स्थिति पैदा नहीं होने देनी चाहिए। हाल के समय में हमने यह महसूस किया है कि ऐसी राष्ट्र विरोधी ताकतें अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए देश में गड़बड़ी और अस्थिरता का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रही हैं। संघ ने कहा, 'हमारा मानना है कि ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसे सुलझाया नहीं जा सकता, जरूरत सिर्फ ईमानदार प्रयासों की है।' 

आरएसएस ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपने विचारों को प्रकट करने की आजादी है, लेकिन किसी को भी देश में गड़बड़ी और अस्थिरता पैदा करने का अधिकार नहीं दिया जा सकता।


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