मराठा समाज के लिए कांग्रेस राकांपा ने क्या किया : पाटिल

chandraknt patil

मुंबइ

सर्वोच्च न्यायालय में चल रही मराठा समाज आरक्षण की सुनवाई के बीच भाजपा प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार पर जमकर निशाना साधा। शनिवार को ट्वीट के जरिए पाटिल ने कहा कि राज्य में अन्य मुद्दों की अपेक्षा मराठा समाज आरक्षण के मुद्दे को गरम करने की कोशिश की जा रही है, जिसे लेकर पिछले कई दिनों से राज्य की राजनीतिक सियासत गरमाई है। राज्य में 15 साल रही कांग्रेस और राकांपा की आघाड़ी सरकार ने सिर्फ अपना फायदा किया, मराठा समाज का नहीं। समाज को  उनका हक मिलना चाहिए, लेकिन उन्हें वैसे ही रहने दिया गया, क्योंकि यह आघाड़ी सरकार की नीति थी। कांग्रेस और राकांपा पर हमला बोलते हुए पाटिल ने कहा कि न्यायालय में मराठा आरक्षण की एक बार फिर शुरू सुनवाई के बाद राज्य में सवाल पैदा हो गया है, क्या समाज को न्याय मिलेगा। आरक्षण पर राकांपा और कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि दोनों पार्टियां आरक्षण के पक्ष में हैं। पाटिल ने कहा कि इतने सालों तक सिर्फ  दोनों पार्टियों ने मराठा समाज के नाम पर राजनीति की, लेकिन समाज कभी आगे न बढ़े दोनों पार्टियों की यह सोच थी, जो आज तक बनी हुई है। उन्होंने कहा की पिछले कई वर्षों से आरक्षण की हो रही मांग को हमारी सरकार ने पूरा किया था, लेकिन राज्य में सरकार बदलने के बाद दोबारा आरक्षण अड़चन में आ गया है। समाज को अत्यंत आरक्षण की आवश्यकता है जो मिलना चाहिए, लेकिन सत्ता में आने के बाद कांग्रेस और राकांपा ने आरक्षण का खेल समाप्त कर दिया है, ऐसा आरोप पाटिल ने लगाया। पाटिल ने ठाकरे सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने मराठा समाज को आरक्षण दिया और यहां तक कि न्यायालय में मिली उस चुनौती को जीत लिया, लेकिन इस धोखेबाज सरकार ने समाज के लिए क्या किया? आजादी के बाद, पहली बार भाजपा सरकार ने मराठा आरक्षण के लिए एक कानून बनाया। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया, जिसने  समाज के आरक्षण के लिए सिफारिश की इसके साथ उस कानून को न्यायालय ने भी बरकरार रखा।


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