सही नहीं था मॉल का फायर फाइटिंग सिस्टम

नोटिस के बावजूद अस्पताल ने ध्यान नहीं दिया

fire brigade

मुंबइ

भांडुप के ड्रीम मॉल की तीसरी मंजिल पर स्थित सनराइज अस्पताल में लगी आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग को 12 घंटे से ज्यादा तक मशक्कत करनी पड़ी। इस आग में 11 लोगों की मौत हो चुकी है। 

प्लास्टिक गोदाम से शुरू हुई आग 

चार मंजिली ड्रीम मॉल के पहिले मंजिल पर स्थित 200 वर्ग मीटेर के प्लास्टिक के गोदाम से गुरुवार की रात लगभग 12 बजे आग शुरू हुई। जो धीरे-धीरे तीसरी मंजिल पर स्थित अस्पताल तक पहुंच गई। आग लगने के बाद अस्पताल में अफरातफरी मच गई थी। 

आग बुझाने में 23 दमकल गाड़ियों का प्रयोग   

घटना की जानकारी मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की 23 गाड़ियां मौके पर आग बुझाने के लिए पहुंची। रात से शुरू हुआ अभियान दोपहर बाद जाकर पूरा हुआ. शाम तक फायर ब्रिगेड द्वारा कूलिंग काम जारी था।

नोटिस के बावजूद भी नहीं किया आग प्रतिबंधक उपाय 

मनपा के मुताबिक भांडुप के ड्रीम्स मॉल का फायर फाइटिंग सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा था। इस बात की जानकारी तब हुई जब उसने मॉल का सर्वे किया था। मुंबई सेंट्रल के आर सिटी माल में आग लगने के बाद मनपा के दमकल विभाग ने मुंबई शहर के ऐसे 29 मॉल को नोटिस भेजा था और फायर फाइटिंग सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए कहा था। इसके बावजूद अस्पताल अस्पताल प्रशासन और माल मालिक ने आग प्रतिबंधक उपाय करने की जहमत नहीं उठाई। 

22 मरीज लापता 

मॉल में बना अस्पताल 107 बिस्तरों वाला था। इसमें 78 मरीज भर्ती हुए थे। आग बुझाने के दौरान दमकलकर्मी और अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा मरीजों को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया। मनपा के आपातकालीन कक्ष के अनुसार 46 मरीजों को दूसरे अस्पतालों में स्थानांतरित कर दिया गया है। लेकिन मनपा यह नहीं बता पाई कि 22 मरीजों को कहा भर्ती कराया गया है। 

गायब मरीज कोरोना संक्रमित 

चूंकि गायब हुए मरीज कोरोना संक्रमित हैं ,इसलिए उनसे कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। 46 मरीजों में से 30 को मुलुंड के जंबो कोरोना सेंटर भेजा गया है। जबकि चार को भांडुप के फोर्टिस अस्पताल में, दो को ठाणे के विराज अस्पताल में, दो को बीकेसी कोरोना उपचार केंद्र व एक मरीज को टैंक रोड के सारथी अस्पताल में, पांच को मुलुंड स्थित अग्रवाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मृतकों के नाम 

(1)  निसार जावेद चंद्र,  (2) गोविंदलाल दास  (3)  रविंद्र मुंगेकर,

 (4)  मंजुला बठारिया,  (5)  अंबाजी पाटिल,  (6)  सुधीर लाड, (7) सुनंदाबाई पाटिल, (8)  हरिप सचदेव,

( 9) श्याम भक्तिलाल, (10)  महादेव शंकर अय्यर, (11)  अशोक श्रीपाद वाघमारे, 

घायल मरीजों के नाम

(1)  चेतनदास गोडवानी 78 वर्ष (2) श्रीमती माधुरी गोडवानी ,(3)  गिरीश मामून, (4)  कुलदीप मेहता वर्ष   (5) पुष्पक दरे


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