'ऑस्टोमेट' मरीजों को मिले दिव्यांग का दर्जा

 मुंबई

'ऑस्टॉमी एसोसिएशन ऑफ इंडिया' के चेयरमैन उदय केरवार और सचिव शेखर भाई ठाकुर ने थावरचंद गहलोत (केंद्रीय सामाजिक कल्याण मंत्री) और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि ऑस्टमी मरीजों को हैंडीकैप (दिव्यांग) का दर्जा दिया जाए। 'कमलापुरी वैश्य समाज ट्रस्ट' के सचिव राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि ऑस्टमी ऐसी बीमारी है जिसमें मरीज के मल मूत्र के निकास का प्राकृतिक मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। तब ऐसे लोगों का ऑपरेशन करके मल मूत्र निकास के लिए कृतिम मार्ग तैयार किया जाता है. रोगी के पेट के पास एक थैली चिपका दी जाती है जिसमें हमेशा मल मूत्र का विसर्जन होता रहता है। इस थैली को जिंदगी भर बदलना पड़ता है जो काफी खर्चीला होता है ऐसे लोगों को हमेशा बड़े डॉक्टर के संपर्क में रहना पड़ता है।

इस रोग के शिकार लोग काम करने में असमर्थ होते हैं क्योंकि मल मूत्र की थैली हमेशा साथ रहने के कारण वह बाहर निकलने से भी संकोच करते हैं और अपनी बातें लोगों को बताने से कतराते हैं। रात भर ठीक से सो भी नहीं पाते, डिप्रेशन का शिकार भी हो जाते हैं। अगर सरकार उन्हें विकलांग का दर्जा दे और इन उपकरणों को जीएसटी मुक्त कर दी जाए तो इन्हें काफी रियायत मिल सकती हैं।


Labels:

Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget