राज्य में सियासी संकट, दिल्ली में मंथन

शरद पवार और अनिल देशमुख की मुलाकात से चर्चाओं का बाजार गर्म 


मुंबई

निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वझे मामले में पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह के तबादले के बाद  राज्य की गरमाई सियासत के बीच शुक्रवार को गृहमंत्री अनिल देशमुख ने दिल्ली जाकर  राकांपा प्रमुख शरद पवार से मुलाक़ात की.दोनों नेताओ के बीच करीब चली  दो घंटे से अधिक हुई चर्चा में मुंबई पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह के  तबादले  और निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वझे का मुद्दा महत्वपूर्ण था सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गृहमंत्री ने पवार को वझे मामले की विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा राज्य के कानून -व्यवस्था को लेकर सरकार की हो रही बदनामी से नाराज पवार ने इसे रोकने के लिए गृहमंत्री को निर्देश दिया।

निष्पक्ष जांच के लिए परमवीर सिंह का हुआ तबादला  - अनिल देशमुख 

दिल्ली में पार्टी प्रमुख पवार से मुलाकात करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में अनिल देशमुख ने बताया कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर से पास पाए गए विस्फोटक पदार्थ कीजांच कर रही  एनआईए मामले और इससे सम्बंधित घटना के बारे में पवार ने जानकारी ली.जिसे लेकर हमने बताया कि मामले की  एनआईए और एटीएस  जांच कर रही है और राज्य सरकार पूरा सहयोग कर रही है। जांच सही दिशा में जा रही है  लेकिन जब तक एनआईए की पूरी रिपोर्ट नहीं मिल जाती,तब -तक कुछ कहना ठीक नहीं है। जांच की रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा उचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह के तबादले पर देशमुख ने कहा कि परमवीर सिंह का तबादला रूटीन नहीं बल्कि सचिन वझे मामले को देखते हुए किया गया है। मुंबई पुलिस आयुक्त पद से परमवीर सिंह का हुआ तबादला से यह साबित नहीं हो जाता कि वो गुनहगार है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो इसके लिए उन्हें आयुक्त पद से हटाया गया है।

अनिल देशमुख का बदला सकता है विभाग ?

 मनसुख हिरेन मामले में निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वझे को लेकर गृह विभाग और राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार की हो रही बदनामी से राकांपा प्रमुख शरद पवार बहुत नाराज बताए जा रहे  हैं। इसी को लेकर चर्चा चल रही है कि अनिल देशमुख को गृह विभाग के हटाकर उन्हें दुसरा कोई विभाग दिया जा सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आने वाले एक से डेढ़ महीने के राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल कर सकती है, जिसमे गृहमंत्री अनिल देशमुख से गृहविभाग लेकर उन्हें कोई दूसरे विभाग का मंत्री बनाया जा सकता है और उनकी जगह मंत्री जयंत पाटिल को गृहविभाग की जिम्मेदारी दी जा सकती है। दिल्ली में पवार से मुलाक़ात के बाद पत्रकारों द्वारा पूछे गए इस सवाल के जवाब में मंत्री अनिल देशमुख ने कुछ जवाब नहीं दिया। वहीं दो दिन पहले अनिल देशमुख से गृहविभाग हटाए जाने के सवाल के जवाब में राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री जयंत पाटिल ने स्पष्ट कर दिया था कि राकांपा के मंत्रियों में कोई फेरबदल नहीं किया जाएगा।

संजय निरुपम का  गंभीर आरोप 

निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वझे मामले में विपक्ष के साथ -साथ सत्ता की सहयोगी दल कांग्रेस पार्टी के नेता और मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष संजय निरुपम ने सरकार पर निशाना साधा है। शुक्रवार को ट्वीट के माध्यम से सत्ताधारी पार्टी शिवसेना पर हमला बोलते हुए निरुपम ने कहा कि मुंबई पुलिस आयुक्त रहे परमवीर सिंह की शिवसेना जहां जमकर तारीफ़ कर रही है, वहीं राकांपा पार्टी के गृहमंत्री अनिल देशमुख वझे मामले में परमवीर सिंह की गलती न बताते हुए पूरे मामले को विपक्ष द्वारा राजनीति के तहत सरकार को बदनाम करने की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि वझे की जांच में  हप्ता वसूली का मामला सामने आया है। इस पूरे मामले से शिवसेना का संबंध जुड़ा है क्या इसका खुलासा होना चाहिए।


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