परियोजना प्रभावितों के लिए चार लाख घर

मुंबई

परियोजना प्रभावितों के लिए घर उपलब्ध नहीं होने से मनपा के कई प्रोजेक्ट सालों से अटके पड़े हुए हैं। शिवसेना नेता ने आरोप लगाया है कि एक तरफ परियोजना प्रभावित को घर नहीं मिल पा रहे हैं लेकिन दूसरी तरफ मनपा अधिकारी पीएपी योजना के तहत मिले घरों को बेच रहे है।

शिवसेना नगरसेविका राजुल पटेल के इस गंभीर आरोप से खलबली मच गई है. पटेल ने कहा कि मुंबई में साढ़े तीन से चार लाख पीएपी के घर उपलब्ध हैं लेकिन मनपा ईस्टेट विभाग के अधिकारी पीएपी से मिले घरों को बाहर से ही बेचने का काम कर रहे है। मनपा सदन में भाजपा नगरसेवक कमलेश यादव ने ओशिविरा में नदी एवं गोरेगांव मालाड में चल रहे नाला चौड़ाकरण के काम में प्रभावितों को चेंबूर भेजा जा रहा है, जबकि मालाड पूर्व के अप्पा पाड़ा में 500 घर एसआरए परियोजना के मिले हुए है. इसी तरह बोरीवली में भी  एसआरए परियोजना प्रभावितों के लिए घर उपलब्ध है। यादव ने स्थाई समिति अध्यक्ष को बताया कि जेठा भाई मूलजी राठौड़ मार्ग पर तीन साल पहले लोगों को घर दिया गया था लेकिन घर की खराब हालत घर की मरम्म्त नहीं होने से लोग वहां नहीं जा पा रहे हैं। मनपा विरोधी पक्ष नेता रविराजा ने मनपा आयुक्त के साथ बैठक में कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए पांच किमी के अंदर घर देने के कानून को लागू किया जाना चाहिए। मनपा प्रशासन द्वारा लोगों को 225 वर्ग फुट के बदले 269 वर्ग फुट का घर दिया जा रहा है।


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