'बड़ी रकम मिलने से गेंद अचानक स्विंग नहीं होने लगेगी'

pat cummins

सिडनी

ऑस्ट्रेलियाई तेज आक्रमण के अगुवा पैट कमिंस का मानना है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की नीलामी में बड़ी धन राशि हासिल करने वाले खिलाड़ियों पर अलग तरह का दबाव रहता है, क्योंकि इससे बेहतर प्रदर्शन की गारंटी नहीं मिलती। कोलकाता नाइट राइडर्स ने 2019 की नीलामी में इस खिलाड़ी के लिए 15.50 करोड़ रूपए की बोली लगाई थी और वह इस लीग के सबसे महंगे खिलाड़ियों में से एक हैं। हाल ही में इस साल के लिए हुई नीलामी में क्रिस मौरिस सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बने। राजस्थान रॉयल्स ने दक्षिण अफ्रीका के इस हरफनमौला के लिए 16.25 करोड़ रूपए की बोली लगायी थी। कमिंस ने कहा कि पेशेवर क्रिकेट में खिलाड़ियों पर बेहतर प्रदर्शन का दबाव होता हैं। उन्होंने कहा कि आप कहीं पर भी पेशेवर क्रिकेट खेले, आप पर काफी दबाव रहता है। अगर आप अच्छा प्रदर्शन कर के मैदान पर उतरते हैं तो उसे फिर से दोहराने का दबाव होता है। अगर आप खराब प्रदर्शन कर के आते हैं तो आप पर बेहतर करने का दबाव होता है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि नीलामी से अलग तरह का दबाव आता है। हम इससे सामंजस्य बैठाने की कोशिश करते हैं। आप को अधिक पैसे में खरीदा गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि गेंद अचानक अधिक स्विंग करने लगेगी या विकेट अचानक से घसियाली हो जाएगी या सीमा-रेखा बड़ी हो जाएगी। कमिंस ने पिछले सत्र में 14 मैचों में 12 विकेट लिये थे और इस दौरान उनका इकॉनोमी रेट 7.86 का था। उनकी टीम प्लेऑफ में क्वालीफाई करने से चूक गयी थी।


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