पंचायत चुनाव के लिए भाजपा की तैयारी

पटना

केंद्रीय क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पार्टी के चुनाव आयोग सेल के लिए जिला स्तर पर अधिवक्ताओं की टीम गठित की जानी चाहिए ताकि आने वाले बिहार पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों को सहयोग प्रदान किया जा सके। उन्होंने सेल से जुड़े अधिवक्ताओं को भी सुझाव दिया कि पंचायती कानून का बारीकी से अध्ययन करें। गाइडलाइंस की जानकारी रखें ताकि जरूरत पड़ने पर कानूनी सहयोग दी जा सके। प्रसाद ने यह बातें आसन्न पंचायत चुनाव को लेकर भाजपा चुनाव आयोग सेल की भूमिका विषय पर पार्टी कार्यालय में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में कहीं।

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि हालांकि अभी यह तय नहीं है कि पंचायत चुनाव दलीय आधार पर होगा या नहीं, लेकिन उम्मीदवारों को कानूनी सहायता तो दी ही जा सकती है। उन्होंने आरक्षित वर्ग की वैसी उप जातियां, जिनमें नेतृत्व का अभाव है, उनके नेतृत्व को उभारने की बात कही। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, पथ निर्माण मंत्री नीतिन नवीन, विधि मंत्री प्रमोद कुमार, मंत्री जनक राम, पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी ठाकुर, राज्यसभा सांसद विवेक ठाकुर, सांसद रामकृपाल यादव, विधायक संजीव चौरसिया व अरुण सिन्हा, भाजपा उपाध्यक्ष राधामोहन शर्मा, पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसडी संजय, भाजपा अधिवक्ता मंच के पूर्व अध्यक्ष शंभू प्रसाद, मंच के पूर्व अध्यक्ष हरेन्द्र प्रसाद सिंह समेत अन्य लोगों ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। कार्यशाला का उद्घाटन पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव, भाजपा के सह संगठन मंत्री शिवनारायण प्रसाद व सेल के प्रदेश संयोजक राधिका रमण ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में पटना हाईकोर्ट में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएन सिंह, भाजपा चुनाव आयोग संपर्क विभाग के संयोजक राकेश ठाकुर, सेल के सह संयोजक कुमार सचिन आदि ने भाग लिया। पूर्व उपमुख्यमंत्री व सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि इस बात का व्यापक प्रचार-प्रचार होना चाहिए कि बिहार में 23 वर्षों तक पंचायत चुनाव नहीं कराने और 2001 में जब चुनाव कराया तो एससी, एसटी को एकल पदों पर आरक्षण जो उनका संवैधानिक अधिकार था, नहीं देकर उनकी हकमारी करने का जिम्मेवार राजद-कांग्रेस रही है।


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