सचिन वझे पर NIA ने लगाया UAPA

sachin vaze

मुंबई

एंटीलिया केस में मुंबई पुलिस के सस्पेंडेड API सचिन वझे की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार को वझे के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) लगाया है। यह धारा आतंकी या राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के तहत लगाई जाती है।

वहीं, एक अन्य घटनाक्रम में वझे के साथ काम करने वाला रियाज काजी सरकारी गवाह बन गया है। वझे की सोसाइटी से काजी ने ही CCTV फुटेज जब्त किए थे। NIA ने स्पेशल कोर्ट में इसकी जानकारी दी है। NIA काजी से अब तक 4 बार पूछताछ कर चुकी है।

मनसुख हिरेन की मौत के मामले में NIA ने दो आरोपियों की कस्टडी ली है। मुंबई ATS ने इन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ATS ने इन गिरफ्तारियों के बाद मनसुख हिरेन की मौत के मामले को सुलझाने का दावा किया था। ATS ने हिरेन की हत्या के मामले में निलंबित पुलिसकर्मी विनायक शिंदे तथा क्रिकेट सट्टेबाज नरेश गौड़ को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया था।

इससे पहले आज ही ठाणे सेशन कोर्ट ने महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) को आदेश दिया कि इस केस की जांच रोककर इसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दें। NIA ने कोर्ट में अपील की थी कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के बावजूद ATS उसे जांच हैंडओवर नहीं कर रही है।

NIA को उस महिला की तलाश

दो दिन पहले एक फाइव स्टार होटल में की गई छापेमारी के दौरान CCTV की जांच में पता चला है कि सचिन वझे जिस दौरान होटल में ठहरा था, उस बीच एक महिला उससे मिलने गई थी। उस महिला के पास नोट गिनने वाली मशीन थी। NIA को शक है यह महिला वझे की राजदार है, इसलिए इस महिला की तलाश तेज कर दी गई है।

सचिन वझे के लिए मुंबई के एक सोना कारोबारी के कहने पर 25 लाख रुपए में 100 दिन के लिए मुंबई के ट्राइडेंट होटल में कमरा बुक था। इस कमरे का हर दिन का किराया 10 हजार रुपए था। केंद्रीय जांच एजेंसी (NIA) को होटल से कई सबूत हाथ लगे हैं। इनमें CCTV फुटेज, बुकिंग रिकॉर्ड और स्टाफ का बयान शामिल है। NIA की जांच में सामने आया है कि सचिन वझे के लिए मुंबई के एक ट्रैवल एजेंट ने स्वर्ण कारोबारी के कहने पर 19वें फ्लोर पर कमरा नंबर 1964 बुक करवाया था। आईडी प्रूफ में होटल को उनका फेक आधार कार्ड दिया गया था, जिसमें वझे का नाम सुशांत सदाशिव खामकार दर्ज था। इस मामले में कमरा बुक कराने वाले व्यापारी से NIA की टीम ने पूछताछ की है।

13 लाख कैश से हुआ होटल को भुगतान

NIA की पूछताछ में कारोबारी ने बताया कि वझे ने उसके खिलाफ दर्ज दो पेंडिंग केस में फंसाने की धमकी दी थी। यह केस मुंबई के एलटी नगर और कांजुरमार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज थे। वझे ने यह भी कहा था कि अगर वह कमरा बुक करवा देता है तो वह इस केस से उसे बाहर निकाल देगा। यह भी पता चला है कि 25 लाख रुपए में से 13 लाख रुपए कैश ट्रैवल एजेंट ने होटल को दिए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने परमबीर को हाई कोर्ट जाने को कहा 

अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच और ट्रांसफर रोके जाने की याचिका को लेकर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर टिप्पणी की। कोर्ट ने बुधवार को कहा कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह द्वारा अपनी याचिका में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ उठाए गए मुद्दे अत्यंत गंभीर हैं। हालांकि, कोर्ट ने सिंह को बॉम्बे हाई कोर्ट जाने के लिए कहा है। सिंह का पक्ष रखने के लिए अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि वह आज ही हाई कोर्ट में याचिका दायर करेंगे। पीठ ने रोहतगी से कहा कि दो प्राथमिक सवाल हैं-पहला यह कि अनुच्छेद 32 के तहत शीर्ष अदालत में याचिका क्यों दायर की गई है और याचिकाकर्ता ने अनुच्छेद 226 के तहत हाई कोर्ट से संपर्क क्यों नहीं किया। दूसरा सवाल यह है कि सिंह ने अपनी याचिका में राज्य के गृह मंत्री को पक्ष क्यों नहीं बनाया है।


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