NIA की जांच पर भड़के उद्धव

एंटीलिया के बाहर विस्फोटक कार मामला

uddhav thackeray

मुंबई 

उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर बाहर विस्फोटक वाली कार को लेकर भी अब राज्य और केंद्र सरकार में ठनती दिख रही है। केंद्र सरकार की ओर से एनआईए जांच के आदेश के बाद महाराष्ट्र सरकार ने साफ कर दिया है कि वह कार के 'मालिक' और केस की मुख्य कड़ी बताए जा रहे हिरेन मनसुख की रहस्यमय मौत के मामले की जांच अपने पास ही रखेगी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा, 'एटीएस मनसुख हिरेन केस की जांच कर रही है। सिस्टम केवल एक आदमी के लिए नहीं है। पिछली सरकार का भी यही सिस्टम था। हमें एटीएस पर पूरा विश्वास है। लेकिन इसके बावजूद यदि केंद्र सरकार केस एनआईए को सौंपती है तो इसका मतलब है कि कुछ गड़बड़ है। हम तब तक नहीं छोड़ेंगे जब तक इसको उजागर ना कर दें।' महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, 'हम सिलवासा के सांसद मोहन डेलकर की आत्महत्या की भी जांच कर रहे हैं। विपक्ष इस पर नहीं बोल रहा है, क्योंकि सिलवासा केंद्र शासित प्रदेश है। वे महाराष्ट्र को बदनाम करने की कोशिश के तहत यह दिखाना चाहते हैं कि यहां कोई सिस्टम नहीं है और सबकुछ केंद्र पर निर्भर है।' इससे पहले राज्य के गृहमंत्री देशमुख ने कहा, 'मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिली जिलेटिन लदी कार केस की जांच एटीएस कर रही थी, लेकिन एनआईए ने इसे अपने हाथ में ले लिया। इससे पहले मुंबई पुलिस सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच कर रही थी तब इसे सीबीआई ने लिया। हैरानी है कि हम अब तक नहीं कह सकते कि यह हत्या थी या आत्महत्या।'

देशमुख ने आगे कहा, ''यह एनआईए का अधिकार है कि वह केस अपने हाथ में ले, लेकिन महाराष्ट्र पुलिस एटीएस भी इसकी जांच करेगी। लेकिन मनसुख हिरेन केस और कार चोरी की जांच केवल एटीएस करेगी।''


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