10 लोगों की मौत, परिजनों का हंगामा

नालासोपारा के दो अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी


मुंबई

पालघर जिले के दो अस्पतालों में कोविड-19 से जान गंवाने वाले 10 लोगों के रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि ऑक्सीजन की कमी के चलते उन्होंने दम तोड़ दिया, जबकि निगम के अधिकारियों और अस्पताल के प्रबंधन ने आरोपों को खारिज किया है। नालासोपारा पूर्व स्थित विनायक अस्पताल में सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण से सात मरीजों की जबकि रिद्धि विनायक अस्पताल में तीन मरीजों मौत हो गयी। मरीजों के परिजन ने दावा किया कि अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति की कमी से उनकी मौत हुई। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब वसई विरार नगर निगम के पूर्व महापौर राजीव पाटिल ने एक ऑडियो क्लिप में दावा किया कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों के इलाज के लिए जरूरी ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं होने के कारण अस्पतालों में मौत हुई। आरोपों को खारिज करते हुए वसई विरार नगर निगम के उपायुक्त किशोर गवस ने मंगलवार को कहा कि गंभीर हालत में होने के कारण मरीजों की मौत हुई। विनायक अस्पताल से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि ‘‘ऑक्सीजन की पर्याप्त’’ आपूर्ति हो रही है इसलिए इनकी कमी को मरीजों की मौत से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से गलत है। ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी के कारण मौत के बारे में सूचना फैलने के बाद सोमवार को बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों में एकत्र हो गए थे। एक पुलिस अधिकारी ने कहा था कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

शहर विधायक ने PM मोदी से मांगी मदद

इस पूरी घटना के बाद नालासोपारा के विधायक क्षितिज ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है। विधायक ने अपने ट्वीट में तीन मरीजों की मौत की बात कही है। जानकारी दी गई है कि मंगलवार सुबह से ही अस्‍पताल में ऑक्‍सीजन की कमी होने लगी थी। वहीं इलाके के विधायक क्षितिज ठाकुर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया है कि ऑक्‍सीजन की कमी के कारण तीन लोगों की मौत हुई है, उन्‍होंने ट्वीट करके मामले में पीएम मोदी से मदद की गुहार लगाई है।


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