रोजाना 26 नहीं, 50 हजार रेमडेसिविर की मांग

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मुंबई

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि केंद्र द्वारा राज्य को रेमडेसिविर की रोजाना 26,000 इंजेक्शन आवंटित की जा रही है, जबकि प्रतिदिन 50 हजार इंजेक्शन की जरूरत है। टोपे ने कहा कि वह कोविड-19 संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र के लिए रेमडेसिविर दवा का आवंटन बढ़ाने के लिए केंद्र को पत्र लिखेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को रोजाना 50,000 रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत है, लेकिन केंद्र की तरफ से रोज 26,000 इंजेक्शन का आवंटन हुआ है। यह अगले 10 दिनों के लिए है। बहुत गंभीर स्थिति है, क्योंकि गंभीर मरीजों के उपचार के लिए इस दवा के इस्तेमाल से जान बच सकती है। मंत्री ने कहा कि वे महाराष्ट्र को रेमडेसिविर का आवंटन बढ़ाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को एक पत्र लिखेंगे।

गहरा सकता है संकट: मलिक  

इस दरम्यान केंद्र सरकार ने देश के विभिन्न राज्यों को 21 से 30 अप्रैल के बीच वितरित होने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन का डेटा जारी किया है। इस पर राकांपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मंत्री नवाब मलिक ने कड़ी आपत्ति जताई है। मलिक ने कहा कि इस डेटा में राज्य को कुल 2,69,200 यानी रोजाना सिर्फ 26 हजार इंजेक्शन देने की बात कही गई है, इस वजह से संकट गहरा सकता है।  

एक्टिव मरीज कम, कोटा अधिक

महाराष्ट्र सरकार को अभी तक रोजाना 36 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन मिल रहे हैं, लेकिन नए आवंटन के अनुसार महाराष्ट्र को प्रतिदिन केवल 26 हजार इंजेक्शन ही मिलेंगे। नवाब मलिक ने कहा कि राज्य में कोरोना की गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार इंजेक्शन का अर्याप्त स्टॉक दे रही है और इससे गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। दरअसल कई ऐसे राज्य हैं, जहां एक्टिव रोगियों की संख्या कम है, लेकिन वहां रेमडेसिविर इंजेक्शन का कोटा अधिक है।  

निजी अस्पतालों में उपलब्ध हो रेमडेसिविर: आजमी  

समाजवादी पार्टी मुंबई / महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष विधायक अबू आसिम आजमी ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से अनुरोध किया है कि निजी अस्पतालों में रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराए जाए। उन्होंने कहा कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की कीमत 2700 रुपए है, उसे कालाबाजारी कर 30 हजार रुपए में बेचा जा रहा है। इस कालाबाजारी को तत्काल रोका जाए। 


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