कोविड केयर सेंटरों में 3,766 बेड खाली

covid center

मुंबई

कोरोना मरीजों में 83 प्रतिशत मरीज ऐसे हैं जिनमें लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं। इन मरीजों का घर पर ही उपचार चल रहा है। इससे पहले ऐसे मरीजों को कोविड केयर सेंटर (सीसीसी 2) में रखा जाता था। कोरोना की दूसरी लहर में मरीज कोविड सेंटरों में जाना नहीं चाहते, इसलिए कोविड सेंटरों में बेड खाली पड़े हैं। घर पर रहकर उपचार कर रहे मरीज तबियत बिगड़ने के बाद अस्पताल का रुख करते हैं। तब उन्हें वेंंटीलेटर और ऑक्सीजन बेड की आवश्यकता पड़ती है, जिसकी कमी देखी जा रही है। समय पर वेंंटीलेटर या आईसीयू बेड नहीं मिलने पर मरीजों की मौत हो रही है। मुंबई में बढ़ रही मोतों की संख्या इसका उदाहरण है। लेकिन मनपा का कहना है कि अब घर पर रह कर उपचार करना छोड़ सीसीसी-2 में भर्ती होने का समय आ गया है। 

मुंबई में कम लक्षण वाले पॉजिटिव मरीजों को सीसीसी-2 में भर्ती किया जाने लगा है। मुंबई में सीसीसी-2 में बेडों की क्षमता 8,211 है। इसमें 4,445 बेड ही भरे हैं जबकि 3,766 बेड अब भी खाली हैं। सीसीसी-2 में 65,223 मरीजों का उपचार किया गया है। घाटकोपर, चेंबूर, विलेपार्ले से जोगेश्वरी पश्चिम व पूर्व, और खार से सांताक्रुझ  पूर्व इलाकों में सीसीसी-2 में बड़ी संख्या में मरीजों को भर्ती किया गया है। अस्पतालों में ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी जल्द दूर होने की संभावना है। मुंबई में ऑक्सीजन की कमी जरूर थी लेकिन समय रहते मनपा ने मैनेज कर अस्पतालों को ऑक्सीजन पहुंचा दिया। 


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