4 हफ्ते तक कोरोना का डरावना रूप

केंद्र सरकार ने चेतावनी देते हुए किया सावधान

crowd

नई दिल्ली

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर केंद्र सरकार ने चेतावनी दी है कि अगले चार हफ्ते काफी भयावह होंगे। ऐसे में लोगों की लापरवाही भारी पड़  सकती है। महामारी की दूसरी लहर को नियंत्रित करने के लिए लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों और टीकाकरण की स्‍थिति को लेकर प्रेस कांफ्रेंस करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि देश में कुल कोविड मामलों में से 92 फीसद मरीज रिकवर हो चुके हैं। 1.3 फीसद मौतें हुई हैं। लगभग 6 फीसद नए कोविड मामले हैं। महाराष्ट्र में साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट फरवरी में 6 फीसद हो गई थी। अब यह 24 फीसद हो गई है, जो चिंता का विषय है। सबसे अधिक कोरोना के मामले वाले जिलों में 7 महाराष्ट्र के हैं। देश के कुल मामलों में से लगभग 58 फीसद मामले महाराष्ट्र में आ रहे हैं। कोविड से मृत्यु के मामलों के लगभग 34 फीसद महाराष्ट्र में दर्ज किए जा रहे हैं। महाराष्ट्र में फरवरी के दूसरे सप्ताह में 3,000 दैनिक औसत मामलों की तुलना में औसत दैनिक नए मामले 44,000 से अधिक हो गए। औसत दैनिक मृत्यु भी 32 से 250 हो गई है।

छोटा राज्य होने के बावजूद कोरोना के कुल 6 प्रतिशत मामले छत्तीसगढ़ से आए हैं और मौतों का कुल 3 प्रतिशत छत्तीसगढ़ से है। कोरोना की दूसरी लहर की शुरूआत से ही छत्तीसगढ़ में न केवल इंफेक्शन ज्यादा आए हैं बल्कि मौतें भी ज्यादा हुई हैं। देश भर में कोरोना के 3 प्रतिशत केस पंजाब से आ रहे हैं, देश में कोरोना से होने वाली कुल मौतों का 4 प्रतिशत आंकड़ा पंजाब से आ रहा हैं। एक्टिव केस और मौतों के आंकड़ों के मामले में दिल्ली और हरियाणा की स्थिति पंजाब से बहुत बेहतर है। लेकिन मंगलवार को दिल्ली में कोरोना विस्फोट हुआ। एक दिन में लगभग छह हजार मामले दर्ज किए गए। कर्नाटक में भी केस लगातार बढ़ रहे हैं, पहले 399 केस हुआ करते थे जो अब बढ़ कर 4376 हो गए हैं। मामलों में 4 गुना इज़ाफा परेशानी का सबब है। 

राजेश भूषण ने कहा कि हमने महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पंजाब में 15 उच्च स्तरीय मल्‍टी डिसिप्‍लनरी स्वास्थ्य टीमों को तैनात किया है। वे महाराष्ट्र के 30 जिलों, छत्तीसगढ़ के 11 जिलों और पंजाब के 9 जिलों में जाएंगी।  

'अभी वायरस यहीं पर है'

केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 11 राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठक की। हर्षवर्धन ने कहा, अभी वायरस यहीं पर है, इसलिए हम सभी को बचकर रहने की जरूरत है। हम कोरोना से तभी लड़ पाएंगे, जब मीडिया और समाज मिलकर हमारी मदद करेगी। मामलों में अचानक वृद्धि के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें भव्य शादियां, स्थानीय निकाय चुनाव, किसानों के विरोध आदि शामिल हैं। 

कोरोना से लड़ने के लिए मास्क वाला वैक्सीन सबसे ज्यादा जरूरी है। हमने पिछले 24 घंटों में 4.3 मिलियन वैक्सीन एडमिनिस्टर किए, ये हमारे लिए गर्व की बात है।


Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget