केंद्र ने पंजाब के किसानों को ट्रांसफर किए 8000 करोड़ रुपए

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नई  दिल्ली

केंद्र सरकार ने नए कृषि कानूनों को लेकर पंजाब और हरियाणा के किसान अभी तक अपना रोष जता रहे हैं. किसान अब तक फसलों के एमएसपी सिस्टम को लेकर सवाल खड़े कर रहे है. वहीं, आंकड़ों के मुताबिक केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पंजाब के किसानों को बड़ा तोहफ़ा दिया है. पहली बार पंजाब के किसानों को अपने फसल का मूल्य सीधे उनके बैंक खाते में मिल रहा है. आंकड़ों पर गौर करें तो पंजाब के किसानों को उनके गेहूं की बिक्री के लिए अब तक 8,180 करोड़ रुपये डीबीटी के जरिये ट्रांसफर किए जा चुके हैं.

इन राज्यों से की जा रही है गेहूं की बंपर खरीद

खरीफ के बाद रबी फसल के लिए जारी विपणन वर्ष 2021-22 में भी मौजूदा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) स्कीम के तहत फसलों की खरीद की जा रही है. वन नेशन, वन एमएसपी, वन डीबीटी मिशन के तहत किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य सीधे ट्रांसफर किया जा रहा है. आधिकारिक आंकड़ों की मानें तो पंजाब के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों के किसानों से एमएसपी पर गेहूं की बंपर खरीद की जा रही है. किसानों से 25 अप्रैल तक 222.33 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है, जबकि पिछले साल इसी समयावधि में महज 77.57 लाख मीट्रिक टन की खरीद की गई थी.

हाल के महीनों में देखा गया है कि कृषि कानूनों का सबसे अधिक विरोध पंजाब के किसानों ने ही किया है. वहीं, आंकड़े कहते हैं कि कुल 222.33 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद में से सबसे अधिक 37.80 फीसदी यानी 84.15 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पंजाब के किसानों से की गई।

 पंजाब के बाद हरियाणा से 32.27 फीसदी यानी करीब 71.76 लाख मीट्रिक टन और मध्य प्रदेश के किसानों से 23.2 फीसदी यानी 51.57 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है. अब तक 21.17 लाख किसानों को एमएसपी के जरिये 43,912 करोड़ का लाभ दिया जा चुका है.’’


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