कन्यादान से पहले ही कोरोना ने माता-पिता की ले ली जान

दो मई को आनी थी बेटी की बारात

बरेली 

कोरोना महामारी लोगों की खुशियों पर ग्रहण बनकर टूट रही है। बरेली कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर घर पर बेटी तैयारी में व्यस्त थे। किसी को क्या पता था कि परिवार में खुशियों की धुन की जगह पर मातम पसरने वाला है। पहले पत्नी कोरोना संक्रमित होकर दुनिया छोड़कर चली गईं। तीन दिन के भीतर ही डॉ. भारतेंदु शर्मा ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। मां के बाद पिता की मृत्यु ने परिवार को ही नहीं बल्कि पूरे बरेली को झकझोर दिया है। बरेली कॉलेज के कामर्स विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. भारतेंदु शर्मा की बेटी कनक की शादी तय थी। कनक बैंक पीओ हैं और पूरा परिवार बड़े ही उत्साह से विवाह समारोह की तैयिरयों में जुटा हुआ था। सरकार की गाइडलाइन आने के बाद विवाह समारोह में बुलाए जाने वाले अतिथियों की लिस्ट बन रही थी। घर में मंगल गान हो रहा था पर नियति को कुछ और मंजूर था। तैयारियों की भागदौड़ में पति-पत्नी संक्रमण की चपेट में आ गए। सात अप्रैल को डॉ. भारतेंदु शर्मा और उनकी पत्नी अर्चना शर्मा की कोविड संक्रमण के शरीर में आक्सीजन की मात्रा कम हो गई। दोनों को कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान 13 अप्रैल को डॉ. भारतेंदु शर्मा की पत्नी का देहांत हो गया। इसके बाद पूरे घर में कोहराम मच गया।

डॉ. भारतेंदु को पत्नी की मृत्यु के बारे में नहीं बताया गया था। पत्नी की मौत के तीसरे दिन डॉ. भारतेंदु शर्मा भी कोरोना संक्रमण को नहीं झेल सके और उनकी मृत्यु हो गई। इसके साथ ही परिवार की रही सही उम्मीद भी खत्म हो गई। जिस घर में दो मई को विवाह उत्सव होना था वहां मातम पसरा हुआ है। जहां दो मई को बेटी का कन्या होना था वहां अब खुशियों का निशान तक नहीं  है। माता और पिता को तीन दिन में ही खोने वाले उनके दो बेटे और दो बेटियों का बेटी का रो-रोकर बुरा हाल है। भारतेंदु शर्मा के बड़े बेटे जलज शर्मा बैंक में प्रोबेशन ऑफिसर हैं। 

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