रेपो रेट में नहीं हुआ कोई बदलाव

डिजिटल पेमेंट की लिमिट दोगुनी


आरबीआई ने नेशनल इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर और रियल टाइम ग्राॅस सेटेलमेंट सुविधा को नाॅन बैंक पेमेंट सिस्टम ऑपरेटरों के लिए बढ़ा दिया है। अभी तक केवल बैंकों को ही यह सुविधा थी। रिजर्व बैंक ने डिजिटल पेमेंट की लिमिट को भी एक लाख से बढ़ाकर दो लाख कर दिया है। आरबीआई की नई एनाउंसमेंट के अनुसार अब प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट जारीकर्ता, कार्ड नेटवर्क, ह्वाइट लेबल एटीएम ऑपरेटर और ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंट सिस्टम प्लेटफार्म भी अब आरटीजीएस और एनईएफटी का उपयोग कर सकेंगे। आरबीआई गवर्नर ने कहा, 'रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा संचालित केन्द्रीय भुगतान प्रणाली आरटीजीएस और एनईएफटी की सदस्यता कुछ अपवादों को छोड़कर सिर्फ बैंक तक ही सीमित था। 

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक आज यानी 7 अप्रैल 2021 को खत्‍म हो गई। 5 अप्रैल से शुरू हुई इस बैठक पर बुधवार को गवर्नर शक्तिकांत दास ने फाइनल घोषणा कर दी है। आरबीआई ने मौद्रिक नीति पाॅलिसी में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। RBI ने रेपो रेट को स्टेबल रखा है। यह पहले की तरह 4% पर बरकरार है। वर्तमान में RBI का रेपो रेट 4% है जबकि रिवर्स रेपो रेट 3.5% है। बता दें कि नए वित्त वर्ष (FY 2021-22) की यह पहली MPC बैठक रही। RBI गवर्नर ने कहा कि रेपो रेट 4% और रिवर्स रेपो रेट 3.35% पर ही रहेगा। दास ने कहा है कि जबतक ग्रोथ टिकाऊ नहीं हो जाती तब तक पॉलिसी रेट अकोमडेटिव ही रहेगी। यानी आपके होम और ऑटो लोन की EMI पहले जैसी ही रहेगी। सस्ती ईएमआई के लिए आपको अभी इंतजार करना पड़ेगा। इसके साथ ही आरबीआई गवर्नर ने साल 2021-22 के लिए 10.5% जीडीपी का अनुमान जताया है।बाजार एक्सपर्ट की ओर से पहले ही इस बात के संकेत दिए गए थे।


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