विफलता के डर ने मुझे अधिक एकाग्र होने के लिए प्रेरित किया: डिविलियर्स

AB de Villiers

चेन्नई

करिश्माई बल्लेबाज एबी डिविलियर्स बल्लेबाजी के दौरान काफी जोखिम उठाते हैं, जिससे ‘विफलता का डर’ रहता है और यही डर टी20 प्रारूप की विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए उन्हें अधिक एकाग्र होने में मदद करता है। लगभग पांच महीने में अपना पहला प्रतिस्पर्धी मैच खेल रहे डिविलियर्स ने इंडियन प्रीमियर लीग 2021 के पहले मैच में गत चैंपियन मुंबई इंडियन्स के खिलाफ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) की जीत में अहम भूमिका निभाई। यह पूछने पर कि साल दर साल वह ऐसा कर लेते हैं, डिविलियर्स ने कहा, ‘‘यह हमेशा काफी लुत्फ उठाने वाला नहीं होता। मैं स्थिति के अनुसार सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करता हूं, यह सामान्य सी चीज लगती है। लेकिन तथ्य यह है कि जब आप मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हो तो हर बार स्थिति बदलती है। ’’ दक्षिण अफ्रीका के इस दिग्गज बल्लेबाज ने आरसीबी ‘बोल्ड डायरीज’ से कहा, ‘‘यह सामंजस्य बैठाने और इसका पूरा फायदा उठाने से जुड़ा है। यह अधिकतर काम करता है।’’ लेकिन हालांकि इस हकीकत से इनकार नहीं किया जा सकता कि विफलता भी मिलती है।

  उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन आपको हमेशा पता होता है कि यह संभव है कि आप विफल हो जाओ। विफलता का डर मुझे हमेशा गेंद पर अधिक ध्यान केंद्रित करने और बेसिक्स बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है। अच्छी शुरुआत करने का प्रयास करता। पहली 20 गेंद में अच्छी शुरुआत करना अहम है।’’ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके 37 साल के डिविलियर्स ने स्वीकार किया कि जब आप लंबे समय के बाद शीर्ष स्तर का क्रिकेट खेलते हो तो लय में वापस आने में समय लगता है। डिविलियर्स को भरोसा है कि आरसीबी की टीम बुधवार को यहां आईपीएल मैच के दौरान सनराइजर्स हैदराबाद की कमजोरियों का फायदा उठाने में सफल रहेगी।


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