बिना मास्क घूमने वालों पर दर्ज हो केस

बॉम्बे हाईकोर्ट की कठोर टिप्पणी । सरकार पर आरोप लगाने से पहले लोग खुद सुधरें

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मुंबई

बॉम्बे हाईकोर्ट कीऔरंगाबाद पीठने कहा कि सरकार पर आरोप लगाने से पहले नागरिक कोविड-19 के नियमों का पालन करें, संयम और अनुशासन बरतें। अदालत ने कहा कि ठोड़ीसे नीचे मास्क पहनने वाले या मुंह अथवा ठोड़ी खोलकर चलने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसे लोग अक्सर कोरोना वायरस को फैलाने वाले बन जाते हैं।

बंबई उच्च न्यायालय की खंडपीठने सोमवार को कहा कि लोगों को कोविड-19 मामलों में वृद्धि के बीच सरकार को दोष देने से पहले संयम और अनुशासन दिखाना चाहिए। अदालत ने महामारीके संबंधमें विभिन्न दिशा-निर्देश जारी करते हुए यह बात कही। न्यायमूर्तिर वींद्र घुगे और न्यायमूर्ति बी यू देबदवार की पीठने लोक सेवकों, डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों समेत सभी लोगों को घरों से बाहर निकलते समय आधार कार्ड साथ रखने और मास्क पहनने का निर्देश दिया।

अदालत ने कहा कि योजनाएं और व्यवस्थाएं अच्छी होती हैं, लेकिन मनुष्य ही उन्हें नष्ट और समाप्त कर देते हैं। अदालत ने कहा कि हम युवाओं, लड़कों और लड़कियों को बिना किसी कारण इधर-उधर घूमते हुए देखते हैं। एक मोटरसाइकिल पर कहीं तीन-तीन तो कहीं चार-चार लोग बिना हेल्मेट और मास्क के आ-जा रहे हैं।

अदालत ने कहा किघर से बाहर निकलने वाले व्यक्ति को कम से कम नाक और मुंह ढकने वाला मास्क पहनना चाहिए। न्यायमूर्ति घुगे ने कहा कि ठोड़ीसे नीचे मास्क पहनने वाले या मुंह अथवा ठोड़ी खोलकर चलने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसे लोग अक्सर कोरोना वायरस को फैलाने वाले बन जाते हैं।


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