ऑक्सीजन लाने वाले जहाजों को शुल्कमें छूट

 

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नई दिल्ली

कोरोना से लड़ाई में देश में ऑक्सीजन की किल्लत हो रहीहै। इसको खत्म करने के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है। केंद्र सरकार ने सभी बंदरगाहों से कहा है किवे ऑक्सीजन और इससे संबंधित उपकरण लाने वाले जहाजों से किसीभी प्रकार का शुल्क न लें। सरकार ने फिलहाल तीन महीने तक चार्ज न लेने के लिए कहा है। आवश्यकता पड़ने पर चार्ज में छूट को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

मिनिस्ट्री ऑफ पोर्ट्स, शिपिंग एंड वाटरवेज कीओर से जारी बयान के मुताबिक, सभी बंदरगाहों से कहा गया है किवे ऑक्सीजन और इससे संबंधित उत्पाद लाने वाले जहाजों को प्राथमिकता दें। इसमें मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन, ऑक्सीजन टैंक, ऑक्सीजन बोतल, पोर्टेबल ऑक्सीजन जेनरेटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लाने वाले जहाज शामिल हैं। सरकार ने जिन चार्ज को हटाने के लिए कहा है, उनमें बंदरगाह ट्रस्ट की ओर से लगाए जाने वाले और भंडारण चार्ज भी शामिल हैं।

हटाई गई बेसिक कस्टम ड्यूटी

देश में मेडिकल ऑक्सीजन की किल्लत को खत्म करने के लिए सरकार ने इसके आयात पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटीऔर हेल्थ सेस की छूट दीहै। यह छूट तीन महीने के लिए दीगई है। ऑक्सीजन और इससे संबंधित उत्पादों के आयात पर 5 प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी लगाई जातीहै। इसके अलावा ऑक्सीजन के आयात पर 10 प्रतिशत हेल्थ सरचार्ज और 18 प्रतिशत आईजीएसटी लगता है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज (सीबीआईसी) ने आयात की जाने वाली ऑक्सीजन और कोरोना वायरस से संबंधित मेडिकल उपकरणों के कस्टम क्लियरेंस के लिए नया फॉर्म जारी किया है। एक्सपोर्टर कोई समस्या होने पर इस सिंगल पेज फॉर्मको ऑनलाइन भरकर कस्टम क्लियरेंस पा सकते हैं। 


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