संपूर्ण लॉकडाउन की हमारी कोई इच्छा नहीं : मुख्यमंत्री

uddhav thackeray

मुंबइ

मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे ने कहा कि किसी के खिलाफ या विरोध में नहीं बल्कि राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन और कड़क नियम लागू किया गया है। इसलिए व्यापारियों को भी इस लड़ाई में सरकार का सहयोग करते हुए कोरोना के लिए जारी नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। बुधवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वर्चुअल तरीके से व्यापारियों की बैठक बुलाई गई थी। व्यापारियों को आश्वश्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस लॉकडाउन से किसी व्यापारियों का नुकसान नहीं होगा। सीएम ने कहा कि हमने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि किसी की रोजी-रोटी को बंद करने और संपूर्ण लॉकडाउन लगाने की हमारी कोई इच्छा नहीं है। व्यापारियों की  मांगों और सुझावों को सरकार ने गंभीरता से लिया है और इस पर विचार करने के बाद उपाय किए जाएंगे। ठाकरे ने कहा कि राज्य की मौजूदा स्थिति बहुत खराब चल रही है। कोरोना संकट की दूसरी भयानक लहर ने लोगों को संकट में डाल दिया है। फरवरी और मार्च महीने में कोरोना संक्रमितों की संख्या कम हो गई थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले साल मार्च में कोरोना बेडों की संख्या सात से आठ हजार थी, जिसे अब साढ़े चार लाख से अधिक कर दिया गया है। इसके साथ कोविड केंद्र को बड़े पैमाने पर बढ़ा दिया गया है। इन पर्याप्त सुविधाओं के बाद भी अगर स्थिति को नियंत्रण नहीं किया गया तो बाद में आम नागरिकों को तकलीफ हो जाएगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अन्य राज्यों की तुलना में महाराष्ट्र में सर्वाधिक टीकाकरण किया जा रहा है, लेकिन मौजूदा समय में वैक्सीन का स्टॉक खत्म होने वाला है। क्योंकि हमारे टीकाकरण की गति बहुत बढ़ गई है। केंद्र से हमने मांग की थी कि 25 साल से ऊपर के सभी लोगों को टीका लगाया जाए। लेकिन उसे अस्वीकार कर दिया गया था। 45  वर्ष से अधिक आयु के लोगों को अब अनुरोध पर टीका लगाया जा रहा है। राज्य में आई कोरोना की नई लहर से युवा वर्ग काफी हद तक प्रभावित हो रहा है। क्योंकि उसे मजबूरन रोजगार के लिए यात्रा करना पड़ रहा है। बिना लक्षण वाले लोगों की संख्या में 70  प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। जिसके कारण अन्य लोग संक्रमित हो सकते है। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी होने के कारण यहां लाखों की संख्या में मजदूर रहते हैं, इनके काम पर आने-जाने के कारण संक्रमण बढ़ने की संभावना है। यह दुर्भाग्य है कि कोरोना का पहला हमला मुंबई पर हुआ। इसके पहले हमने जो लॉकडाउन का निर्णय लिया था उसमें निजी कार्यालयों से समय में बदलाव करने की अपील के अलावा दुकानों में भीड़ न करते हुए 24 घंटे खुले रहने के लिए अनुमति प्रदान किया था। दुकानों की बंद करने की हमारी कोई इच्छा नहीं है। लेकिन मौजूदा परिस्थित को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा यदि आपके सुझावों को स्वीकार किया जाता है, तो कर्मचारियों को उनके परिवार को समझाकर जांच किया जाना चाहिए। व्यापारियों से आव्हान करते हुए सीएम ठाकरे ने कहा कि पिछली बार जैसी गलती नहीं होनी चाहिए, क्योंकि एक-दूसरे के स्वास्थ्य का ख्याल रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। कोरोना खत्म नहीं हुआ है इसलिए अनुशासन का पालन किया जाना चाहिए। बैठक में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे, चिकित्सा शिक्षा मंत्री अमित देशमुख, मुख्य सचिव सीताराम कुंटे, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव आशीष कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव विकास खरगे, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रदीप व्यास, राज्य के प्रधान सचिव आपदा प्रबंधन विभाग असीम कुमार गुप्ता, मुख्यमंत्री के सचिव अबासाहेब, स्टेट टास्क फोर्स प्रमुख शशांक जोशी के अलावा विभिन्न व्यापार संघों के पदाधिकारी, प्रतिनिधि वीरेन शाह, बी. सी. भारतीय, जितेंद्र शाह, विनेश मेहता, ललित गांधी, मोहन गुरनानी ने चर्चा में हिस्सा लिया।


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