कैसे करें लैवेंडर ऑयल का इस्तेमाल


लैवेंडर के फूलों की पहचान अक्सर लोग उसकी महक और रंग से करते हैं. इस फूल की खुशबू काफी मनमोहक होती है. इसलिए इस फूल का इस्तेमाल इत्र के लिए भी किया जाता है. खास मौकों पर लैवेंडर के फूल से घर की सजावट भी की जाती है. खाने के कई व्यंजनों को भी लैवेंडर के फूलों से सजाया जाता है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं लैवेंडर तेल में औषधीय गुण भी होते हैं.

नींद न आने की समस्या  

अगर आपको नींद आने में दिक्कत होती है तो इसके लिए आप अरोमाथेरेपी का इस्तेमाल कर सकते हैं. इस तेल की खुशबू दिमाग को शांत करती है. जो नींद आने में मदद करती है.

चिंता के लिए इस्तेमाल 

लैवेंडर के तेल में एंटी-एंग्जायटी और एंटी-डिप्रेसेन्ट होता है. जो चिंता के लक्षणों को कम कर सकते हैं.

सिर दर्द / माइग्रेन 

लैवेंडर ऑयल की अरोमाथेरेपी माइग्रेन के सिरदर्द को कम करने में काफी असरदार है.

घाव भरने में करता है मदद 

लैवेंडर का तेल कोलेजन को बढ़ाता है, जिससे आपका घाव जल्दी भर पाता है. ताजा घाव पर लैवेंडर का तेल लागने से भी आपको फायदा मिल सकता है.

मांसपेशियों के लिए लाभदायक 

 लैवेंडर तेल से आप मसाज करके मांसपेशियों को रिलैक्स कर सकते हैं. ये जोड़ों के दर्द में भी आराम पहुंचाता है.

मुंहासों को दूर करता है 

लैवेंडर एंटी एक्ने की तरह काम करता है, जिससे मुंहासों की समस्या से राहत मिलती है.

जी मचलना कम करता है 

अक्सर गर्भावस्था में और सामान्य तौर से जी मचलने या उल्टी की समस्या होती है. ऐसे में अगर आप लैवेंडर के तेल की अरोमाथेरेपी लेते हैं तो इससे आपको काफी आराम मिलता है.

जले का निशान कम करता है 

अगर आपके शरीर पर जले का निशान है तो कुछ दिन लगातार तेल लगाने से जले का निशान कम हो जाता है.


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