कोरोना से निपटने में उद्योगपति करें सहयोग : ठाकरे

जताई तीसरी लहर की आशंका

uddhav thackeray

मुंबई

राज्य में पिछले एक महीने से कोरोना संक्रमण की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य के उद्योगपतियों से आगे आते हुए सरकार के साथ सहयोग करने का आह्वान किया है। कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जताते हुए उन्होंने कहा कि मरीजों की जांच, ऑक्सीजन उपलब्ध कराने और टीकाकरण केंद्र शुरू करने में उद्योगपतियों को सरकार को सहयोग करना चाहिए।

बढ़ते कोरोना संक्रमितों की संख्या को देखते हुए शनिवार को वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री ने राज्य के उद्योगपतियों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी, जिसमें उन्होंने राज्य में कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जताते हुए कहा कि हमें इससे निपटने के लिए तैयार रहने की अत्यंत आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने मरीजों के लिए दवा, ऑक्सीजन, जांच और बेड्स की सुविधा बढ़ाने के लिए उद्योगपतियों से मदद की अपील की है. उन्होंने कहा की तीसरी लहर आने से उद्योग-व्यवसाय को कोई नुकसान न हो इसके लिए उद्योगपतियों को कोरोना से लड़ने लिए नियम तैयार करना चाहिए, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री को आश्वस्त करते हुए उद्योगपतियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि कोरोना की लड़ाई लड़ने के लिए सभी उद्योगपति पूरी तरह सरकार के साथ है। 

उद्योगपतियों के लिए टास्क फोर्स की स्थापना 

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुविधा को लेकर स्थापित किए गए टास्क फोर्स की तर्ज पर उद्योगपतियों और सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए तत्काल टास्क फोर्स स्थापित करने का निर्देश मुख्य सचिव को दिया। राज्य में ऑक्सीजन की भारी कमी है, जिसे देखते हुए ऑक्सीजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ बेडों की संख्या बढ़ाने, अधिक से अधिक संख्या में कोरोना जांच केंद्र शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे राज्य की जनता को परिवार का सदस्य मानते हुए कारोबारियों को इस संकट में आगे आकर मदद करनी चाहिए।

तीसरी लहर को रोकने के लिए तैयार करें नियम 

सीएम ने कहा कि राज्य में कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए उद्योगपतियों को गाइडलाइन तैयार करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए हमने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया है। लेकिन बंगाल चुनाव प्रचार में व्यस्त होने के कारण बात नहीं हो पाई है, उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से राज्य को हर तरह की मदद मिल रही है। कोरोना की चेन तोड़ने के लिए राज्य के उद्योगपतियों को गाइड लाइन तैयार करना आवश्यक है। अधिक से अधिक वर्क फ्रॉम होम के साथ-साथ कर्मचारियों को टीकाकरण की सुविधा होनी चाहिए। पिछले साल की तरह पूर्ण लॉकडाउन जैसी परिस्थिति नहीं आनी चाहिए। 

ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ाने का आव्हान 

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचवि प्रदीप व्यास ने राज्य में बढ़ती ऑक्सीजन की मांग को देखते हुए उद्योगपतियों से इसका उत्पादन बढ़ाने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि राज्य की हालत हर दिन गंभीर होती जा रही  है। एक तरफ जहां मृत्यु दर में कमी आ रही है तो संक्रमितों की संख्या डबल हो रही है। जवाब में उद्योगपतियों के प्रतिनिधियों ने ऑक्सीजन उपलब्ध करने का आश्वासन दिया। बैठक में भारी उद्योग मंत्री सुभाष देसाई, स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे, उदय कोटक, निरंजन हिरानंदानी, दीपक मुखी, हर्ष गोयंका, सलील पारेख, नील रहेजा, संजीव बजाज, अनंत गोयंका, बाबा कल्याणी, बी त्यागराजन, अनंत सिंघानिया, बनमाली अग्रवाल, अश्विन यार्दी, एस. एन सुब्रमणियम, सुनील माथुर, संजीव सिंह, नौशाद फोर्बस, सुलज्जा फिरोदिया, समीर सोमैया, आशीष अग्रवाल के साथ जेएसडब्ल्यू, महिंद्रा, गोदरेज, बजाज, रिलायंस, टाटा, ब्लू स्टार, एल.एंड टी, इंफोसिस कंपनियों के प्रतिनिधि सहित मुख्य सचिव सीताराम कुंटे, उद्योग विभाग के अतिरिक्त सचिव, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त सचिव आशीष कुमार, स्वास्थ्य विभाग के सचिव तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


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