नुकसानदायक हैं ये हेल्दी आदतें

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लो-फैट या फ्री डेयरी का चुनाव

नये रिसर्च से यह सिद्ध हुआ है कि फुल फैट डेयरी का दिल की बीमारियों, टाइप-2 डायबिटीज़ व मोटापा से कोई संबंध नहीं है. ऐसा इसलिए है, क्योंकि डेयरी (दूध से बनी चीज़ें) में मौजूद फैटी एसिड्स मेटाबॉलिज़्म बढ़ाने में मददगार सिद्ध होते है. फैट का सेवन करने से पेट अधिक समय तक भरा रहता है और ओवरईटिंग से बचा जा सकता है. इसके साथ ही यह ज़रूरी नहीं है कि जिन प्रोडक्ट्स पर लो-फैट या फैट-फ्री लिखा हो, उनमें कम कैलोरीज़ या कम शुगर हो. कई बार कुछ कंपनियां प्रोडक्ट्स का स्वाद बढ़ाने के लिए उनमें आर्टिफिशियल शुगर, सॉल्ट या फ्लेवर्स मिलाती हैं. 

कार्ब्स से दूरी

एक रिसर्च के मुताबिक़ कार्बोहाइड्रेट्स- विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर्स प्रदान करते हैं, जो हमारे शरीर को ऊर्जा देते है. अगर हम पूरी तरह कार्ब्स का सेवन बंद कर देते हैं, तो बॉडी टिशूज़ में मौजूद ग्लाइकोसिन कम हो जाता है और शरीर ऊर्जा के लिए पूरी तरह फैट पर निर्भर हो जाता है, इस प्रोसेस को केटोसिस कहते हैं. ऊर्जा के लिए फैट पर निर्भर रहना सेहत के लिए अच्छा नहीं है. शरीर में केटॉन्स एकत्रित होने पर सिरदर्द, नोज़िया, एकाग्रता की कमी और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं हो जाती हैं. इसलिए बेहतर यही होगा कि सिंपल कार्ब्स जैसे- डोनट्स व मफिन्स से भले ही दूरी बनाए, लेकिन साबूत अनाज, दालें, फल व सब्ज़ियों को अपनी डायट में ज़रूर शामिल करें, फिर भले ही आपको अपना वज़न ही क्यों न कम करना हो.

लो-कैलोरी फ्रोज़ेन फूड्स का सेवन

वज़न घटाने के लिए कई लोग रात के आहार में 150 से 200 कैलोरीज़ वाला फ्रोज़न मील ग्रहण करते हैं, जो वास्तव में बेहद कम है. अगर आप दिनभर में कम खाएंग, तो आपका मेटाबोलिज़्म घट जाएगा, इसलिए इन मील्स के साथ सब्ज़ियों व फलों का भी सेवन करें. अगर आपके खाने में स्टार्च का आभाव है, तो अपने भोजन में साबूत अनाज और शकरकंद को शामिल करें.

लीन प्रोटीन के स्रोत के लिए देली मीट का चुनाव

रोस्ट टर्की और पका हुआ हैम शरीर में प्रोटीन की मात्रा को तेज़ी से बढ़ाने के लिए एक कारगर उपाय है, लेकिन हाल ही में द वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइज़ेशन ने यह संशोधित किया है कि देली मीट शरीर में कोलेस्ट्रॉल कैंसर के ख़तरे को बढ़ाता है. इस संबंध में द माइंड डायट की लेखिका न्यूट्रिशनिस्ट मैगी मून का कहना है कि इस प्रकार के मीट में नमक अधिक मात्रा में होने के कारण यह डिहाइड्रेशन की वजह बन सकता है. 


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