कठोर पांबदियों का पहला दिन

गैर जरूरी यात्रियों को स्टेशन से लौटाया घर

passengers

मुंबई

राज्य में गुरुवार रात आठ बजे से ब्रेक द चेन‍ के अंतर्गत कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। इसका असर शुक्रवार सुबह से ही देखने को मिला। कई गैर आवश्यक सेवा से जुड़े लोग जब रेलवे स्टेशनों पर पहुंचे तो उन्हें वापस घर रवाना कर दिया गया। विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर पहचान पत्र देखकर ही प्रवेश दिया गया। सरकार ने केवल सरकारी नौकरशाह, चिकित्साकर्मी, उपचार की जरूरत वाले लोगों और दिव्यांग व्यक्तियों को ही गुरुवार रात आठ बजे से एक मई की सुबह सात बजे तक लोकल ट्रेन से यात्रा करने की अनुमति दी है। इन नई पांबदियों के चलते कई रेलवे स्टेशनों के प्रवेश और निकास बिंदुओं को सीमित कर दिया गया। यात्रियों के आईडी चेक करने के बाद ही उन्हें प्लेटफॉर्म पर प्रवेश दिया जा रहा था। केवल उन लोगों को ट्रेन टिकट और पास जारी किए जा रहे हैं, जिन्हें राज्य सरकार ने लोकल ट्रेन से यात्रा के लिए अधिकृत किया है। रेलगाड़ी के टिकट केवल टिकट काउंटरों पर जारी किए जा रहे हैं और एटीवीएस, जेटीबीएस (जन साधारण टिकट बुकिंग सेवा) और यूटीएस जैसे बुकिंग के अन्य मोड अगले आदेश तक काम नहीं करेंगे। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और मुंबई पुलिस की मदद से प्रवेश एवं निकास बिंदुओं को सीमित कर दिया है। आरपीएफ, जीआरपी और टिकट जांच करने वाले कर्मचारी लोगों को स्टेशन पर प्रवेश देने से पहले उनकी पहचान पत्र की जांच की। लोकल ट्रेन में वैध पहचान पत्र वाले लोगों को यात्रा की अनुमति है। बाहर जाने वाली रेलगाड़ियों में सवार होने या ऐसी रेलगाड़ियों से उतरने वाले यात्रियों को भी लोकल ट्रेन से यात्रा करने की अनुमति नहीं है, क्योंकि राज्य सरकार के आदेश में इस बात का जिक्र नहीं है।

नियमों का पालन करें नागरिक: पाटिल  

गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने नागरिकों से नियमों का पूरी तरह पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना की दूसरी लहर आई है। रोगियों की संख्या को कम करने के लिए कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं। पुलिस को कड़े प्रतिबंधों को लागू करना होगा, हालांकि कार्रवाई करते वक्त आम जनता को कोई दिक्कत न हो, इसका ध्यान भी रखना होगा।  

बगैर जरुरी कारण से यात्रा करने पर लगेगा जुमार्ना

नए प्रतिबंधों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति बगैर जरुरी कारण के यात्रा करते मिला तो उस पर जुमार्ना लगाया जाएगा। स्थानीय डिजास्टर मैनेजमेंट ऑथारिटी (डीएमए) द्वारा नियुक्त व्यक्ति दंड वसूल सकेगा। यदि संबंधित व्यक्ति जुमार्ने की राशि जमा करने में असमर्थ है तो मोटर वाहन कानून या बीपीए जैसे कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल आपातकालीन परिस्थिति वाले, परीक्षा, विमान, ट्रेन व बस पकड़ने के लिए जाने वाले लोग टैक्सी, ऑटो रिक्शा का इस्तेमाल कर सकते हैं। बस व लंबी दूरी की ट्रेनों के अलावा निजी वाहनों से अंतर जिला यात्रा की अनुमति है, लेकिन यात्रा के लिए बेहद आवश्यक कारण होने चाहिए। आपातकालीन चिकित्सा, परिवार के किसी सदस्य की मौत जैसी स्थिति में यात्रा कर सकते हैं, लेकिन सरकारी आदेश के वहां पहुंचने पर तहत 14 दिनों तक कोरेंटाइन में रहना होगा।


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