सरकार की नजर में मीडिया अत्यावश्क सेवा नहीं!

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मुंबई

महाराष्ट्र सरकार ने 22 अप्रैल रात 8 बजे से 1 मई सुबह 7 बजे तक लॉकडाउन सरीखी पाबंदियां लगा दी हैं। सरकार की तरफ से जारी गाइड लाइन में अत्यावश्क सेवा में शामिल कर्मचारियों को छोड़कर किसी को भी लोकल या मेट्रो से यात्रा की अनुमति नहीं है। रेलवे की तरफ से जारी सर्कुलर में कहीं भी मीडिया को छूट का उल्लेख नहीं मिलता, ऐसे में सवाल उठता है कि क्या महाविकास आघाड़ी सरकार की नजर में मीडिया अत्यावश्यक सेवा में शामिल नहीं है?

यह पहला मौका नहीं है, जब महाविकास आघाड़ी सरकार ने मीडिया को दरकिनार करने की कोशिश की है। पहले लॉकडाउन के वक्त भी लंबे इंतजार के बाद मीडियाकर्मियों, वह भी केवल अधिमान्य पत्रकारों को लोकल ट्रेन में यात्रा की अनुमति मिली थी। उस दौरान सरकार ने अपनी तरफ से पत्र तो जारी कर दिया था, लेकिन मध्य और पश्चिम रेलवे को इस बारे में सूचित नहीं किया था। इस वजह से पत्रकारों को टिकट या सीजन टिकट के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा था।

मंत्रालय और विधि मंडल वार्ताहर संघ के प्रयास जारी

इधर पत्रकारों को प्रतिबंध से छूट दिलाने में मंत्रालय और विधिमंडल वार्ताहर संघ के प्रयास जारी हैं। संघ के अध्यक्ष मंदार पारकर ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। रेलवे ने भी गुरुवार को सर्कुलर जारी किया है, जिसमें अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों की जानकारी शामिल हैं, लेकिन इसमें पत्रकारों का कोई उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से 13 अप्रैल के आदेशों का हवाला दिया जा रहा है, उसमें अधिमान्य पत्रकारों को छूट का उल्लेख है, लेकिन संघ चाहता है कि नए आदेशों में पत्रकारों को छूट का उल्लेख किया जाए, ताकि आगे कोई परेशानी नहीं हो।

गैर अधिमान्य पत्रकारों का बड़ा संकट

सरकार ने यदि अधिमान्य पत्रकारों के लिए प्रतिबंधों में छूट दे भी दी तो बड़ा सवाल यह है कि गैर अधिमान्य पत्रकारों का क्या होगा? मुंबई सहित राज्य भर में अधिमान्य पत्रकारों की संख्या बेहद सीमित है, जबकि पत्रकारों की बड़ी जमात ऐसी है, जो अधिमान्य नहीं है। ऐसे में इन पत्रकारों पर बड़ा संकट आ गया है। पहले लॉकडाउन के दौरान भी केवल अधिमान्य पत्रकारों को यात्रा में छूट हासिल हुई थी। इस बारे में सरकार के नुमाइंदों का ऑफ द रिकॉर्ड कहना है कि कई गैर वाजिब लोग मीडिया का कार्ड लेकर घूमते रहते हैं, यदि सभी को अनुमति प्रदान कर दी जाएगी तो बड़ी मुश्किल होगी।


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