साल में दो बार हो इमारतों का फायर ऑडिट

मुंबई

पिछले कुछ सालों से मुंबई में आग लगने की घटनाओं में इजाफा हुआ है। आग की घटनाएं मुख्यतः गगनचुंबी इमारतों और मॉल्स में देखी जा रही है, जहां पर जान माल का भी बड़े पैमाने पर नुकसान हो रहा है। मुंबई फायर ब्रिगेड के मुख्य दमकल अधिकारी कैलाश हिरवाले का कहना है कि आग की घटनाओं पर लगाम लगाने   के लिए गगनचुंबी इमारतों एवं मॉल का साल में दो बार फायर ऑडिट होना चाहिए।

भायखला स्थित फायर ब्रिगेड मुख्यालय में आयोजित फायर ब्रिगेड दिवस पर हिरवाले ने कहा कि लोग इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देते है और घटना के बाद पता चलता है कि इमारत का काफी समय से फायर ऑडिट ही नहीं हुआ है। जबकि ऐसी इमारतों के जवाबदार लोगों को  चाहिए कि समय पर इमारतों का फायर ऑडिट कराते रहे। हिरवाले ने कहा कि ऐसा न करने वाली इमारतों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हाइराइज इमारतों में 80 प्रतिशत दुर्घटनाएं शॉर्ट सर्किट की वजह से होती हैं। इसलिए फायर ऑडिट के साथ इलेक्ट्रिक ऑडिट भी इन इमारतों का होना चाहिए। मुंबई फायर ब्रिगेड मुख्यालय पर फायर ब्रिगेड दिवस में फायर ब्रिगेड के जवानों के मुश्किल कार्यों को याद किया गया। इस दौरान हिरवाले के अलावा उपायुक्त (आपत्ति व्यवस्था) प्रभात रहंगदले व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


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