टीका आपूर्ति में महाराष्ट्र से भेदभाव: टोपे

rajesh tope

मुंबई

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से महाराष्ट्र को टीके की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही है।

उन्होंने कहा कि ताजा रिलीज ऑर्डर के अनुसार महाराष्ट्र को एक सप्ताह में केवल 7.5 लाख टीके की खुराक दी गई, जबकि उत्तर प्रदेश को 48 लाख, मध्यप्रदेश को 40 लाख, गुजरात को 30 लाख तथा हरियाणा को 24 लाख डोज दिए गए।

प्रेस कांफ्रेंस में टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र टीकाकरण में अग्रणी है। रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए हमने टीकाकरण के काम में तेजी लाने के लिए हर सप्ताह 40 लाख टीके की आपूर्ति की मांग केंद्र सरकार से की है। इस पर केंद्र ने साढ़े सात लाख डोज की आपूर्ति की है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की तुलना में महाराष्ट्र की आबादी अधिक है और यहां देश के कुल एक्टिव रोगियों में से 55 फीसदी हैं। ऐसे में महाराष्ट्र की जरूरत के अनुसार टीके की आपूर्ति होनी चाहिए और संकट की इस घड़ी में लोगों को बचाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर काम करना चाहिए।

 उन्होंने कहा कि मात्र छह करोड़ की आबादी वाले और 17 हजार सक्रिय रोगियों वाले गुजरात को एक करोड़ डोज दिए जाते हैं, जबकि गुजरात से दोगुनी आबादी और तकरीबन साढ़े चार लाख सक्रिय रोगियों की संख्या वाले महाराष्ट्र को एक करोड़ चार लाख डोज ही दिए गए हैं। इसमें से मात्र नौ लाख डोज बाकी रह गए हैं। इस वजह से सातारा, सांगली, पनवेल जैसी जगहों पर टीकाकरण रोक दिया गया है।

टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र की हर सप्ताह मांग 40 लाख डोज की है, जबकि प्रत्यक्ष में केवल 7.5 लाख डोज दिए गए हैं। इस बारे में फिर से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा के बाद 15 अप्रैल के बाद इसे बढ़ाकर 17.5 लाख डोज की आपूर्ति की जाएगी। 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अनेक विकसित देशों में 18 साल से अधिक लोगों को टीकाकरण शुरू है। 

महाराष्ट्र में दिनोंदिन रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 18 से 40 आयु समूह के लोगों को टीकाकरण किया जाना चाहिए।  

गलत जानकारी फैलाने के पीछे क्या कारण है ?: फड़नवीस

इधर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने एक के बाद कई ट्वीट करते हुए सवाल पूछा कि जानबूझकर टीकाकरण केंद्र बंद कर टीके के बारे में गलत जानकारी फैलाने के पीछे कारण क्या है ? उन्होंने कहा कि केवल तीन राज्यों को एक करोड़ से अधिक टीके दिए गए। इसमें महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान है। गुजरात और राजस्थान की जनसंख्या बराबर है। टीके की आपूर्ति जनसंख्या के आधार पर नहीं, बल्कि टीकाकरण के काम को देखकर हो रही है। उन्होंने लिखा कि महाराष्ट्र को 1.06 करोड़ टीके मिले हैं, इस बात की जानकारी डीजीआईपीआर ने ट्वीट में दी थी। इनमें से 91 लाख टीके का उपयोग हुआ, तथा 15 लाख टीके शेष बचे हैं, लेकिन जानबझूकर टीकाकरण केंद्रों को बंद कर गलत जानकारी फैलाने के पीछे कारण क्या है ? उन्होंने कहा कि शरद पवार ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन से बातचीत की। 

मैंने भी केंद्रीय मंत्री से चर्चा की है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि महाराष्ट्र से भेदभाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महाराष्ट्र को सभी मदद कर रही है। एक अन्य ट्वीट में फड़नवीस ने कहा कि वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं, उपचार उपलब्ध नहीं, ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं, साधारण बेड उपलब्ध नहीं। राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रही है। टीके आ रहे हैं, आते रहेंगे, लेकिन बुनियादी सेवाएं प्रदान नहीं होने से गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।


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