कोरोना जंग : रेमडेसिविर इंजेक्शन के निर्यात पर रोक

remdesivir

नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने रेमडेसिविर इंजेक्शन के निर्यात पर रोक लगा दी है। देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। दरअसल, कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में रेमडेसिविर को खासकर उन वयस्क मरीजों के लिए महत्वपूर्ण एंटी-वायरल दवा माना जाता है, जो स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जटिलताओं का सामना कर रहे हैं।

भारत सरकार ने रविवार को अपने बयान में कहा,जब तक देश में कोरोना वायरस के हालात में सुधार नहीं होता, उस वक्त तक के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन और रेमडेसिविर एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया जाता है। एक अन्य बयान में सरकार ने कहा,आने वाले समय में रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग बढ़ने की पूरी संभावना है और इसीलिए फार्मास्यूटिकल डिपार्टमेंट रेमडेसिविर का उत्पादन बढ़ाने के लिए घरेलू निर्माता कंपनियों के साथ संपर्क में है। 

चार राज्यों में एक दिन में सबसे अधिक केस मिलने का रिकॉर्ड

कोरोना ने रविवार को मरीजों की संख्या के पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। देश के चार राज्यों में एक दिन में सबसे ज्यादा नए केस मिले। इनमें महाराष्ट्र, दिल्ली, यूपी और मध्यप्रदेश शामिल हैं। महाराष्ट्र में पहली बार यह संख्या 63 हजार के पार चली गई। दिल्ली और यूपी में भी हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। यहां हर दिन के साथ नए केस मिलने का रिकॉर्ड बन रहा है। रविवार को दिल्ली में 10,774 केस मिले। 48 मरीजों की मौत हो गई। वहीं, उत्तर प्रदेश में 15,353 नए मामले सामने आए हैं। 67 मरीजों ने दम तोड़ दिया। मध्यप्रदेश में 5,939 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 

तीन राज्यों को केंद्र ने बताईं कमजोरियां

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पंजाब को चिट्ठी लिखी है। जिलों में तैनात सेंट्रल टीम के मूल्यांकन के आधार पर यह पत्र लिखा गया है। केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस टेस्टिंग, कांटैक्ट ट्रेसिंग, कन्टेनमेंट ऑपरेशन, हॉस्पिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता को लेकर कमियों पर सवाल खड़े किए हैं। इन तीन राज्यों के अलग-अलग जिलों में समस्याएं अलग-अलग हैं। कहीं सवाल कन्टेनमेंट जोन को लेकर है तो कहीं टेस्टिंग को लेकर, या फिर कहीं अस्पताल के इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर सवाल खड़ा किए गए हैं।

राज्यों में कोरोना से निपटने में राज्य सरकारों की कमियों को लेकर उन्हें चिट्ठी लिखी गई है। महाराष्ट्र, पंजाब और छत्तीसगढ़ को केंद्र ने चिट्ठी लिखी है। 50 सेंट्रल टीम इन तीनों राज्यों में भेजी गई हैं।

देश को मिल सकती हैं पांच वैक्सीन

इस साल की तीसरी तिमाही के अंत तक, भारत को पांच अतिरिक्त निर्माताओं से कोविड -19 टीके प्राप्त होंगे। भारत फिलहाल दो कोविड-19 वैक्सीन का निर्माण कर रहा है, कोविशील्ड और कोवैक्सीन, वहीं इस साल की तीसरी तिमाही के अंत तक भारत को पांच और वैक्सीन मिल सकती हैं। 

यह वैक्सीन हैं- डॉ रेड्डीज़ के सहयोग से तैयार हो रही स्पूतनिक V, बायोलॉजिकल ई के सहयोग से बन रही जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन, सीरम इंडिया के सहयोग से तैयार की जा रही नोवावैक्स वैक्सीन, जायडस कैडिला वैक्सीन और भारत बायोटेक की इंट्रानसल वैक्सीन।


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