क्यों जरूरी है शवासन

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शवासन जिसे कॉर्पस पोज के नाम से भी जाना जाता है, इस आसन में आमतौर पर चेहरा बंद होना, आंखें बंद होना, हाथों और पैरों को फैलाया जाना शामिल होता है। इस आसन की मदद से आप अपने आपको तनाव से दूर रख सकते हैं। आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच अपने आपको तनाव से दूर रख पाना बहुत मुश्किल है लेकिन आप सवासना के जरिए खुद को तनावमुक्त रख सकते हैं और अपने आपको तरोताजा कर सकते हैं। दिनभर काम करने के बाद शारीरिक और मानसिक तनाव बहुत आम समस्या है। इससे हर कोई छुटकारा पाना चाहता है। हालांकि, जब भी आप इस मुद्रा से गुजरते हैं, तो आप मुठ्ठी भर शारीरिक और मानसिक लाभों से चूक जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शवासन ऐसा क्रिया है जिसे आप जब चाहें कर सकते हैं। शवासन के पहले चरण में शारीरिक आराम शामिल है।

इस आसन की अवस्था में जैसे-जैसे आप सहज होते जाते हैं, पहले मांसपेशियों को धीरे-धीरे शिथिल करने, फिर सांस लेने में धीमा होने और आखिर में शरीर को पूरी तरह से आरामदेने के बारे में जागरूकता होती है। इसके बाद आप इसके साथ संपर्क खोए बिना बाहरी दुनिया से वापस आने लगते हैं। जब आप शवासन करते हैं तो आपको ऐसा लगता है कि आप पूरी तरह से खो जाते हैं। इस आसान में पूरी तरह खो जाने के बाद आपके आसपास होने वाली आवाजें आपको पता तो चलती है लेकिन ये आवाजें आपको शारीरिक और मानसिक से परेशान नहीं करती।

नहीं छोड़ना चाहिए शवासन 

शवासन को छोड़ना आपके शरीर के लिए शारीरिक और मानसिकी रूप से खराब हो सकता है। शवासना को छोड़ना आपके लिए इसलिए खराब हो सकता है क्योंकि आप इससे आसन के जरिए ध्यान केंद्रीत करने और अपने आपको तरोताजा करने के साथ ही तनावमुक्त करने लगते हैं। लेकिन जब आप इस आसान को त्यागने की कोशिश करते हैं या फिर इससे कुछ दिनों के लिए दूर होना चाहते हैं तो ये आपके लिए सही नहीं है। इससे आपके सोचने की शक्ति, ध्यान केंद्रीत करने की क्षमता, तनावमुक्त होना और शारीरिक रूप से खुद को आराम देने जैसी चीजों से भी खुद को दूर रखते हैं। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि ये आसान बहुत ही आसान है जिसे आप अगर करते हैं तो इसे छोड़ना नहीं चाहिए। 

शवासन के फायदे

शारीरिक और मानसिक रूप से राहत प्रदान करता है। आपको तनावमुक्त रखता है शवासन।  सिरदर्द, थकान और अनिद्रा की समस्या को करता है दूर। ब्लड प्रेशर को हमेशा रखता है नियंत्रित ध्यान केंद्रीत करने के साथ आपकी याददाश्त में लाता है सुधार।

कैसे करना चाहिए शवासन

सबसे पहले आप एक साफ-सुथरी जगह की तलाश करें और वहां अपना मैट खोलकर लेट जाएं। मैट के बिलकुल बीच में आपको लेटना होगा। शवासन के लिए लेटने पर आपको ध्यान रखना होगा कि आपकी पीठ  बिलकुल सीधी हो और आपके दोनों कंधे जमीन पर लगे हुए हों।  अपने दोनों हाथों और उंगलियों को पूरी तरह से खोलकर उन्हें आराम से बगल में रख लें और ऊपर की ओर अपना चेहरा रखें।  अपनी आंखों को बंद कर आराम-आराम से सांस लेने की कोशिश करें, सांस लेते समय आप हर एक सांस को महसूस करने की कोशिश करें। इसके अलावा जब आप सांस अंदर और बाहर करें तो इस दौरान आपकी छाती भी पूरी तरह खुलनी चाहिए। शवासना को करने के दौरान आप खुद को पूरा आराम देने की कोशिश करें। 

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