निजी अस्पतालों में मरीजों से खिलवाड़

ठीक होने के बाद भी डिस्चार्ज नहीं । पीपीई किट पहनकर महापौर ने लिया जायजा

kishori pednekar

मुंबई 

मनपा द्वारा निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए 80 प्रतिशत खाट आरक्षित रखा गया है। इन आरक्षित खाट पर भर्ती कोरोना मरीज के ठीक होने और कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद भी मरीजों को भर्ती रखा जा रहा है। मरीजों की बढ़ती संख्या के बावजूद निजी अस्पतालों द्वारा जानबूझकर मरीजो को नजरंदाज किया जा रहा है। महापौर किशोरी पेडणेकर ने इस तरह की शिकायत मिलने के बाद शनिवार को खुद पीपीई किट पहनकर अस्पतालों का जायजा लिया। 

उल्लेखनीय है कि मनपा आयुक्त ने निजी अस्पतालों की 80 प्रतिशत खाट कोरोना मरीजो के लिए आरक्षित रखने का निर्णय लिया। मनपा आयुक्त के इस निर्णय का निजी अस्पताल धज्जियां उड़ा रहे हैं। 

महापौर ने शिकायतों के बाद बॉम्बे अस्पताल जाकर कोरोना मरीजों की आरक्षित खाट का जायजा लिया। महापौर ने कहा कि बॉम्बे अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए 110 बेड आरक्षित हैं. इनकी संख्या जल्द ही 270 तक बढ़ाई जाएगी। हिंदुजा अस्पताल में 93 बेड कोरोना मरीजों के लिए है यहां भी बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पतालों के दौरा करने का मेरा मकसद, अस्पतालों को जरूरत के हिसाब से ऑक्सिजन व वेंटिलेटर उपलब्ध कराना है। मनपा वार्ड वार रूम को व्यवस्था करनी चाहिए कि जिन्हें वास्तव में बेड की जरूरत है, वहीं अस्पताल में भर्ती हो। कोरोना मरीजों के लिए बेड बढ़ाने पर काम हो रहा है। नेहरू साइंस सेंटर में नया 150 बेड का कोविड हॉस्पिटल तैयार किया जा रहा है। पोद्दार हॉस्पिटल में 193 बेड का सीसीसी-1 व सीसीसी-2 सेंटर तैयार किया जा रहा है।


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