मोदी का 'ऑपरेशन ऑक्सीजन'

वैक्सीन से मानवता की सेवा होगी... रूसी राष्ट्रपति पुतिन से पीएम नरेंद्र मोदी ने की बात

putin modi

नई दिल्ली 

कोरोना संकट के बीच ऑक्सीजन की कमी के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन ऑक्सीजन शुरू कर दिया है। ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से युध्द स्तर पर प्रयास शुरू हो गए हैं। भारत की मदद को आगे आए कई देशों में से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से पीएम नरेंद्र मोदी ने बात की। पीएम नरेंद्र मोदी ने पुतिन से बातचीत की जानकारी खुद ट्विटर पर दी है। पीएम मोदी ने लिखा, 'मेरे मित्र व्लादिमीर पुतिन से काफी अच्छी बातचीत रही। हमने कोरोना संकट के बढ़ते खतरे को लेकर बात की और उन्हें इस महामारी के दौर में भारत के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।' रूस की ओर से भारत को कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक- V की सप्लाई का भरोसा दिया गया है। 1 मई से देश में इस वैक्सीन की सप्लाई शुरू होने की बात कही जा रही है। मोदी ने कहा कि इस बातचीत के दौरान हमने द्विपक्षीय सहयोग पर भी बात की। खासतौर पर स्पेस मिशन, अक्षय ऊर्जा और हाइड्रोजन इकॉनमी को लेकर भी बात हुई। स्पुतनिक-V वैक्सीन को लेकर हमारा सहयोग मानवता को मजबूत करेगा और कोरोना से जंग को आगे बढ़ाएगा। इसके साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी ने रूस के साथ मंत्रालय स्तर की वार्ता किए जाने का भी ऐलान किया। एक ट्वीट में पीएम नरेंद्र मोदी ने लिखा, 'अपनी मजबूत रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति पुतिन के साथ 2+2 स्तर की वार्ता को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है। इसके तहत विदेश और रक्षा मंत्रालय के बीच वार्ता होगी।'

पीएम केयर्स फंड से एक लाख ऑक्सीजन कन्सनट्रेटर्स की खरीद को मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 लाख ऑक्सीजन कन्सनट्रेटर्स की खरीद के लिए मंजूरी दे दी है। इनकी खरीद पीएम केयर्स फंड से की जाएगी। देश के अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई में इजाफा करने के लिए यह फैसला लिया गया है। देश के कई अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन कमी का संकट सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया है। देश के कई राज्यों में ऑक्सीजन की कमी के चलते लोगों के मरने की भी खबरें मिली हैं। बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई हाई लेवल मीटिंग में यह फैसला लिया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ऑक्सीजन की सप्लाई के संकट से जूझ रहे देशों को ऑक्सीजन कन्सनट्रेटर्स की तेजी से सप्लाई की जा सके।

ऑक्सीजन के 500 प्लांट लगाएगा DRDO

कोरोना की दूसरी लहर के बीच देश के कई राज्य बुरी तरह ऑक्सीजन संकट से जूझ रहे हैं। इस बीच डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) ने कहा है कि वो 500 मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगाएगा। इसके लिए धन राशि पीएम केयर्स फंड से दी गई है। DRDO द्वारा LCA, तेजस में ऑन बोर्ड ऑक्सीजन जनरेशन के लिए विकसित की गई मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट (एमओपी) तकनीक अब कोविड​​-19 रोगियों के लिए ऑक्सीजन से जुड़े वर्तमान संकट से लड़ने में मदद करेगी। ये ऑक्सीजन संयंत्र 1,000 लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) की क्षमता के लिए बनाया गया है। ये प्रणाली पांच एलपीएम की प्रवाह दर पर 190 रोगियों की जरूरत को पूरा कर सकती है और प्रति दिन 195 सिलेंडर चार्ज कर सकती है।  मैसर्स टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड, बेंगलुरु और मैसर्स ट्राइडेंट न्यूमेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड, कोयंबटूर को प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण किया गया है, दोनों देश के विभिन्न अस्पतालों में स्थापना के लिए 380 संयंत्रों का उत्पादन करेंगे। सीएसआईआर से संबंधित भारतीय पेट्रोलियम संस्थान, देहरादून के साथ काम करने वाले उद्योग 500 एलपीएम क्षमता के 120 संयंत्रों का उत्पादन करेंगे।


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