हेपेटाइटिस की दवा से होगा कोरोना का इलाज?

जायडस कैडिला ने मांगी DCGI से इजाजत

medicine

नई दिल्ली

दवा कंपनी जायडस कैडिला ने भारतीय औषधि महानियंत्रक से हैपेटाइटिस की दवा पेगीलेटेड इंटरफेरॉन अल्फा-2बी का इस्तेमाल कोविड-19 के इलाज में करने के लिए अनुमति मांगी है। जायडस कैडिला ने सोमवार को बयान में कहा कि पेगीलेटेड इंटरफेरॉन अल्फा 2बी के तीसरे चरण के नैदानिक परीक्षण में इस दवा से कोविड-19 के इलाज को लेकर उत्साहवर्धक नतीजे मिले हैं।

कंपनी इस दवा को ‘पेगीहेप’ ब्रांड नाम से बेचती है। कंपनी ने कहा कि जो शुरुआती नतीजे सामने आए हैं उनसे पता चलता है कि शुरुआत में इसके इस्तेमाल से कोविड-19 का मरीज ज्यादा तेजी से उबरता है। साथ ही इससे मरीज को दिक्कतें भी नहीं आती हैं।

इससे पहले मार्च माह में जायडस कैडिला ने रेमडेसिवीर दवा के अपने जेनेरिक संस्करण की कीमतों में उल्लेखनीय कटौती करने की घोषणा की थी, जिसके बाद कंपनी ने कोविड-19 की दवा के जेनेरिक संस्करण का दाम घटाकर 899 रुपये प्रति शीशी (100 एमजी) कर दिया है। कंपनी ने अगस्त, 2019 में रेमडैक को देश में पेश किया था। उस समय इंजेक्शन के रूप में दी जाने वाली इस दवा की 100 एमजी की शीशी का दाम 2800 रुपए था।

जायडस कैडिला ने बीते 24 मार्च को अपने बयान में कहा कि रेमडेसिवीर कोविड-19 के इलाज में एक महत्वपूर्ण दवा है. इस कदम से ऐसी मुश्किल के समय मरीजों को काफी मदद मिल सकेगी.


Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget