कोविन प्लेटफॉर्म अगले हफ्ते हिंदी सहित 14 क्षेत्रीय भाषाओं में होगा उपलब्‍ध


नई दिल्ली

कोरोना पर बनाए गए ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) की सोमवार को बैठक हुई। इस बैठक में मंत्री समूह को बताया गया कि भारत में कोरोना को लेकर क्या तैयारी है। कोविन प्लेटफॉर्म अगले हफ्ते तक हिंदी और 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध हो जाएगा। वहीं, म्यूकर माइकोसिस के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाले एम्फोटेरिसिन-बी की मांग भी बढ़ गई है। कोरोना पर बने ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने की। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, फार्मा मंत्री मनसुख मांडविया, नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पूरी, गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय और नीति आयोग के सदस्य डॉ वी के पॉल शामिल हुए। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि‍ भारत में कोरोना के नए मामले 26 दिनों के बाद पहली बार 3 लाख से कम हुए हैं। साथ ही, पिछले 24 घंटों में सक्रिय केस लोड में 1,01,461 मामलों की गिरावट दर्ज की गई है। 

केंद्र महामारी से निपटने के लिए 'संपूर्ण सरकार' के दृष्टिकोण के तहत राज्यों की मदद कर रही है। राज्यों और संघ शासित क्षेत्रों को 422.79 लाख N95 मास्क, 176.91 लाख पीपीई किट, 52.64 लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन और 45,066 वेंटिलेटर वितरित किए गए हैं। जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए जांच किए गए नमूनों की संख्या बढ़ाने और अधिक विश्लेषण के लिए INSACOG नेटवर्क में 17 नई प्रयोगशालाओं को जोड़ा जा रहा है। नेटवर्क में वर्तमान में देश के अलग अलग जगहों में 10 प्रयोगशालाओं में ये काम हो रहा है।

बैठक में फार्मा सचिव एस. अपर्णा ने बताया कि कोविड-19 के इलाज में दवाओं के उत्पादन और आवंटन के समन्वय के लिए एक डेडिकेटेड सेल बनाया गया है। निर्माताओं को दवाओं का उत्पादन बढ़ाने की सलाह दी गई है। वहीं, देश में रेमडेसिविर का उत्पादन तीन गुना से ज्यादा हो गया है। पहले ये हर महीने 39 लाख वायल था, जो अब बढकर 118 लाख वायल प्रति माह है। इसके अलावा फार्मा सचिव ने बताया कि म्यूकर माइकोसिस के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाले एम्फोटेरिसिन-बी की मांग भी बढ़ गई है। पांच सप्लायर की पहचान की गई है और दवा के आवंटन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। 1 से 14 मई तक राज्यों को 1 लाख वायल दी गईं, जबकि आयात के रास्ते भी तलाशे जा रहे हैं।


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