• मुख्यमंत्री ने रखी 'माझा डॉक्टर' संकल्पना  
  • देश में पहली बार ऑनलाइन मेडिकल परिषद
  • टास्क फोर्स ने किया 17 हजार डॉक्टर्स का मार्गदर्शन  

uddhav thackeray

मुंबई 

राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को कोरोना टास्क फोर्स और डॉक्टरों से बातचीत करते हुए उनके समझ 'माझा डॉक्टर' संकल्पना पेश की। राज्य के टास्क फोर्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने लगभग दो घंटे तक ग्रामीण स्तर पर लगभग 17,500 फैमिली फिजीशियंस, डॉक्टरों के साथ बातचीत की और उनका कोविड चिकित्सा के लिए मार्गदर्शन कर उनकी शंकाओं का समाधान किया। यह पहली बार है जब किसी राज्य ने फैमिली डॉक्टरों का मार्गदर्शन करने के लिए एक ऑनलाइन चिकित्सा सम्मेलन की मेजबानी की। खास बात यह रही कि हजारों की संख्या में नागरिक भी दर्शक बनकर सम्मेलन में शामिल हुए, साथ ही अपनी प्रतिक्रिया भी दी। अपने उद्घाटन भाषण में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के चांदा से बांदा तक के फैमिली डॉक्टरों को कोविड की जंग में सरकार का साथ देने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग बहुत बड़ी, भयानक और जानलेवा है। उन्होंने कहा कि 1 जून से बारिश शुरू होगी, इसके बाद कठिन परीक्षा होगी, तब संक्रामण रोग और कोविड की चुनौती एक साथ खड़ी होगी। कोरोना के खिलाफ जंग के लिए ठाकरे सरकार ने राज्य में 1 जून तक लॉकडाउन लगाया है। एक तरफ कठोर प्रतिबंध लगाए गए हैं तो दूसरी तरफ कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सरकार की तरफ से अलग-अलग उपाय योजना की जा रही है। इसी के एक भाग के रूप में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से महाराष्ट्र के टास्क फोर्स सदस्यों और डॉक्टरों के सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान डॉ. संजय ओक, शशांक जोशी, डॉ. तात्या राव लहाने और डॉक्टर राहुल पंडित उपस्थित थे।

ठाकरे ने कहा कि पिछले साल कठिन समय में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बड़ी मदद की थी। हमारे पास कौन से इलाज के तरीके होने चाहिए, क्या दवा देनी है और कितनी मात्रा में देना है, इसके लिए गाइड लाइंस तैयार की गई है। उन्होंने 'माझा डॉक्टर' अवधारणा पेश करते हुए कहा कि दुनिया के हर घर का एक डॉक्टर होता है, उसकी सलाह लेकर लोग निर्णय करते हैं। अपने यहां भी परिवार का एक फैमिली डॉक्टर होता है, उसे परिवार के हर सदस्य की जानकारी होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 70 से 75 प्रतिशत रोगियों में लक्षण प्रकट नहीं होते और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं होती, लेकिन पिछले कुछ दिनों से मृत्युदर बढ़ी है। डॉक्टर कहते हैं रोगी देर से पहुंचा। मरीज घर पर भी ठीक हो सकते हैं, लेकिन लक्ष्मण रेखा की पहचान कैसे की जाए, यह काम आपको करना है। घर-घर पर इलाज का होम मैंनेजमेंट करने के लिए अब शिवधनुष उठाना होगा। घर पर लोग ठीक हो सकते हैं, लेकिन आपको उनके इलाज पर ध्यान देने, उन्हें सही दवा देने के लिए काम करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड होने पर शुगर कंट्रोल में रहे और जिन्हें शुगर है, वह नियंत्रित रखना चाहिए। अन्य बीमारियों पर भी नियंत्रण रखना आवश्यक है। आपको घर-घर में इलाज की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, साथ ही नजदीक के जंबो सेंटर्स में भी अपने सेवा दे सकते हैं, जिससे रोगियों को राहत मिलेगी। ठाकरे ने कहा कि चक्रवात दस्तक दे रहा है। खतरा टल सकता है, लेकिन समुद्री किनारों पर थोड़ा बहुत प्रभाव देखने को मिल सकता है। 1 जून से मानसून शुरू हो जाएगा। उसके बाद परीक्षा कठिन होने वाली है, तब संक्रामक रोग और कोविड की चुनौती होगी। उन्होंने डॉक्टरों की सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी धर्मों के प्रार्थना स्थल बंद हैं, मुझे आपके रूप में भगवान दिखते हैं, जहां भगवान होते हैं, वहां सफलता अवश्य मिलती है।


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