18 जिलों में होम आइसोलेशन बंद

कोविड केयर सेंटर में रहेंगे मरीज


मुंबई

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि राज्य में कोरोना के आंकड़ों में औसत से अधिक रोगी वाले जिलों में होम आइसोलेशन को पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया गया है। अब मरीजों को कोविड केयर सेंटर में रहना होगा। म्यूकर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) और कोरोना को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। जिसके बाद 18 जिलों के होम आइसोलेशन बंद कर दिए गए। समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए टोपे ने कहा कि जो जिले रेड जोन में हैं, उनमें होम आइसोलेशन 100 फीसदी बंद करने का आदेश जिला कलेक्टरों को दिया गया है। सभी संक्रमितों को कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया जाएगा। इसके लिए जिलों में कोविड केयर सेंटर बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

म्यूकर माइकोसिस नोटीफाइबल रोग

म्यूकर माइकोसिस बीमारी को राज्य ने महामारी रोग के रूप में घोषित किया है। ऐसे में हर रोगी का रिकॉर्ड रखा जा रहा है। महात्मा ज्योतिबा फुले जनारोग्य योजना के तहत म्यूकर माइकोसिस के रोगियों को मुफ्त इलाज देने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है, जिसके लिए राज्य भर के 131 अस्पतालों को अधिसूचित किया गया है। इसमें हर एक जिले को शामिल किया गया है। म्यूकर माइकोसिस के तकरीबन 2200 रोगियों में से 1007 का इलाज महात्मा ज्योतिबा फुले जनारोग्य योजना के तहत किया जा रहा है।

आशा वर्करों को टेस्टिंग का प्रशिक्षण

टोपे ने कहा कि आशा स्वयंसेवकों को स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ की हड्डी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि आशा वर्करों को ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना टेस्ट के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। राज्य में तकरीबन 70 हजार आशा वर्कर हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आशा स्वयंसेवकों को अब ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना की रोकथाम करते हुए तेजी से एंटीजन परीक्षण और आत्म-निदान में प्रशिक्षित किया जाएगा। 


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