महामारी के दौरान भारत में 46% बढ़ी कारोबारी धोखाधड़ी


नई दिल्ली

भारत में तेजी से हो रहे डिजिटलीकरण, धोखाधड़ी और ऑनलाइन वित्तीय हमलों के चलते जोखिम और खतरा बहुत बढ़ गया है। एक्सपीरियन की ग्लोबल इनसाइट्स रिपोर्ट (जनवरी/फरवरी 2021) दर्शाती है कि भारत में कारोबारी धोखाधड़ी 46% बढ़ चुकी है। 

ई-कॉमर्स के आगमन के साथ कारोबारों के लिए डिजिटल धोखाधड़ी एक बहुत बड़ी चुनौती रही है। धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे के बावजूद 40% भारतीय कारोबारों की तरफ से यही संकेत मिलता है कि वे धोखाधड़ी का पता लगाने की बजाय राजस्व पैदा करने पर अधिक जोर दे रहे हैं। इसका खामियाजा उन्हें घाटे में वृद्धि तथा ग्राहकों का भरोसा खोने के रूप में उठाना पड़ सकता है। यह देखते हुए कि भारत में 56% उपभोक्ता अपनी एक गंभीर चिंता के तौर पर ऑनलाइन गोपनीयता का हवाला देते हैं, कारोबारों के लिए यह अपरिहार्य हो जाता है कि वे संभावित डिजिटल खतरों के विरुद्ध स्वयं को और अपने ग्राहकों को बचाने के लिए मजबूत कदम उठाएं।    

हालांकि भारत के 90% कारोबारों का दावा है कि उन्होंने अपने विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर मौजूद ग्राहकों की पहचान करने वाली रणनीतियां लागू कर रखी हैं (यह ग्लोबल रिपोर्ट में सर्वेक्षण के लिए शामिल किए गए क्षेत्रों का सर्वाधिक प्रतिशत है), लेकिन भारत के सर्वेक्षण में शामिल मात्र 18%  संगठन ही आश्वस्त हैं कि वे नए किस्म की धोखाधड़ियों को निश्चित तौर पर रोक सकते हैं। धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे का मुकाबला करने के लिए विश्व की अग्रणी ग्लोबल सूचना सेवा कंपनी एक्सपीरियन ने अपने एक प्रमुख उत्पाद ‘क्रॉसकोर’ को अपग्रेड और समुन्नत किया है। 

एक्सपीरियन का ‘क्रॉसकोर’ ऐसा पहला प्लेटफॉर्म है, जो कारोबारों को निर्बाध रूप से कनेक्ट करने, एक्सेस प्राप्त करने तथा अनेक समाधानों से जुड़े निर्णयों को संयोजित एवं लागू करने में सक्षम बनाता है। इसका नया संस्करण क्लाउड आर्किटेक्चर, उन्नत जोखिम आकलन, तेज प्रतिसाद, सेल्फ-सर्विस वर्कफ्लो तथा रिपोर्ट देने वाले विभिन्न डैशबोर्ड की सुविधाओं से युक्त है। ये सुविधाएं ग्राहकों के अनुभव से छेड़छाड़ किए बगैर हर एप्लीकेशन और लेन-देन के लिए जरूरी निगरानी व नियंत्रण करने, प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों का वास्तविक समय में विश्लेषण करने तथा धोखाधड़ी का शीघ्रता से पता लगाने में कारोबारों को सक्षम बनाती हैं। 


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