चुनाव के 6 महीने बाद भी गाड़ी मालिकों को नहीं मिला पैसा

पटना

विधानसभा चुनाव के 6 महीने बाद भी राज्य के लगभग एक लाख से अधिक वाहन मालिक अपने किराये के भुगतान के लिए सरकारी कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। एक ओर परिवहन विभाग ने जहां दावा किया था गाड़ी मालिकों का भुगतान अविलंब किया जाएगा, वहीं 6 महीने से गाड़ी मालिक जिला से लेकर मुख्यालय तक का चक्कर काटने को विवश हैं। पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में लगभग डेढ़ लाख गाड़ियों का उपयोग किया गया था। इसमें ट्रक, बस से लेकर अन्य गाड़ियां शामिल थीं। लगभग एक लाख इनमें से छोटी गाड़ियां थीं। गाड़ी मालिकों को तय दर के हिसाब से किराया देना है। जिला प्रशासन को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी कि वह सभी गाड़ी मालिकों का किराया भुगतान कर दें। परिवहन विभाग में दर तय किया था पर गाड़ी मालिक  कभी जिला कार्यालय तो कभी डीटीओ कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। गाड़ी का पैसा  बमुश्किल कुछ लोगों को ही मिल सका है। गाड़ी किराया के अलावा ड्राइवर को खाना खिलाने के मद का भी पैसा नही मिल सका है।  अभी कोरोना काल में अधिकतर गाड़ी मालिक के समक्ष जीविका का संकट भी उत्पन्न हो गया है। खासकर टेंपो व अन्य छोटी गाड़ियों के मालिकों को अगर पैसा मिल जाए तो कोरोना काल में उनके लिए यह बड़ी मदद साबित होगी।


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