सावधान! ब्लैक फंगस हो रहा घातक


नई दिल्ली

देश में कोरोना वायरस के साथ-साथ अब ब्लैक फंगस के केस भी बढ़ने लगे हैं। कई राज्यों में ऐसे मरीज मिले हैं जिनमें यह फंगल इंफेक्शन पाया गया है। ब्लैक फंगस केस के बढ़ने के पीछे कोरोना वायरस तो है ही साथ में स्टेरॉयड को भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। शनिवार को एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि डायबिटीज, कोरोना पॉजिटिव और स्टेरॉयड लेने वाले रोगियों में फंगल इंफेक्शन की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में हमें स्टेरॉयड का दुरुपयोग रोकना चाहिए। 

गुलेरिया ने कहा कि यह रोग चेहरे, नाक, आंख या फिर मस्तिष्क को प्रभावित कर सकता है। फेफड़ों में भी फैल सकता है और आंखों की रोशनी भी जा सकता है। गुलेरिया ने कहा कि इस इंफेक्शन को रोकने के लिए हमें प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। यह देखा गया है कि यह एक सेकेंडरी इंफेक्शन है फंगल और बैक्टेरियल है जो मौत का कारण बन रहे हैं।

देश में कम हो रहे कोरोना के सक्रिय मामले

देश के अधिकतर राज्यों में कोरोना के सक्रिय मामलों में गिरावट देखी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश के 11 राज्यों में 1 लाख से अधिक सक्रिय मामले हैं। 8 राज्यों में 50,000 से 1 लाख के बीच कोरोना के सक्रिय मामले हैं। देश के 17 राज्यों में 50,000 से कम कोरोना के सक्रिय मामले हैं। महाराष्ट्र, यूपी, गुजरात और छत्तीसगढ़ जहां अधिक संख्या में कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं और वहां भी अब सक्रिय मामलों में गिरावट दर्ज की जा रही है। इसके साथ ही मंत्रालय ने बताया कि चिंता का कारण तमिलनाडु है जहां पिछले एक सप्ताह में सक्रिय मामलों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।


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