चुनावी जंग जीतकर हार गए जिंदगी की जंग

लखनऊ

पंचायत चुनाव के रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे कई प्रत्याशी अपनी जीत का जश्न भी नहीं मना सके। नतीजे आने से पहले ही कुछ प्रत्याशियों की मौत हो चुकी है। किसी ने कोरोना के चलते दम तोड़ दिया तो किसी की अन्य बीमारी के चलते मौत हो गई। दो मई को मतगणना के बाद प्रत्याशी की जीत का ऐलान तो हुआ लेकिन जश्न मनाने के लिए प्रत्याशी अब दुनिया में नहीं था। प्रत्याशी की मौत के बाद रिजल्ट आने को लेकर कई जगहों पर चुनाव दोबारा कराने का ऐलान किया गया है। 

मैनपुरी जिले में एक प्रत्याशी पंचायत चुनाव के दौरान ही दम तोड़ चुकी है। रविवार को ग्राम पंचायत नगला ऊसर के प्रधान पद के वोटों की गिनती होने के बाद प्रधान पद की प्रत्याशी रहीं पिंकी देवी ने 115 वोटों से जीत हासिल कर ली। चूंकि पिंकी देवी की मौत पहले ही हो चुकी है इसलिए परिणाम घोषित होने के बाद भी यहां फिर से चुनाव कराया जाएगा। 

वाराणसी में जीत की सूचना मिलते ही तोड़ा दम 

वाराणसी के पिंडरा ब्लॉक के नंदापुर के ग्राम प्रधान की सुनरा देवी ने अपने निकटम प्रतिद्वंद्वी को तीन मतों से हराकर जीत हासिल की।लेकिन जीत की खुशी उनके लिए मौत लेकर आई। जीत की सूचना मिलते ही हार्टअटैक आने से आईसीयू में भर्ती सुनरा देवी की मौत हो गई। सुनरा देवी का प्रमाणपत्र उनके पुत्र अजय यादव ने लिया।

मौत के बाद महिला प्रत्याशी की जीत की घोषणा

अमरोहा के गंगेश्वरी विकास खंड के गांव खनौरा में प्रधान पद की प्रत्याशी सविता पत्नी राजकुमार 165 वोट से चुनाव जीतीं लेकिन यह बदकिस्मती रही कि शुक्रवार रात उनका कोराना की वजह से निधन हो गया। आज उनकी जीत के ऐलान के बाद भी परिवार खुशी से दूर गम में डूबा रहा। 

सुबह मौत हुई, दोपहर में विजयी घोषित की गईं विमला देवी

देवरिया के विकास खण्ड भागलपुर की ग्राम पंचायत कपूरी एकौना से प्रधान पद की प्रत्याशी विमला देवी की रविवार की सुबह जिला अस्पताल में मौत हो गई जबकि दोपहर में आए चुनाव परिणाम में वह विजयी रहीं।

नतीजे आने से पहले ही दो प्रत्याशियों ने तोड़ा दम

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना शुरू होने से पहले ही दो प्रत्याशियों की असामयिक मौत हो गई। इनमें एक जिला पंचायत सदस्य तो दूसरे ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशी हैं। बरसठी विकास खंड के जिला पंचायत वार्ड नंबर 51 से प्रत्याशी सरावां गांव निवासी द्वारिका प्रसाद यादव ने पूरे दमखम के साथ चुनाव प्रचार किया था। द्वारिका प्रसाद सुबह मतगणना स्थल पर जाने के लिए तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक उनके सीने में तेज दर्द उभरा। आनन-फानन में घरवाले उन्हें अस्पताल ले गए जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उधर सिकरारा विकास खंड की ग्रामसभा शाहपुर से प्रधान पद के प्रत्याशी सेवानिवृत्त चकबंदी अधिकारी तुलसी राम को शनिवार की रात समारोह में मिठाई खाने के बाद उल्टी-दस्त होने लगा। सुबह जिला मुख्यालय पर निजी अस्पताल ले गए जहां उनकी सांसें थम गईं।


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