सीएम से चर्चा के बाद कांग्रेस अपनी भूमिका करेगी स्पष्ट


मुंबई

राज्य सरकार द्वारा लिए गए प्रमोशन में आरक्षण निर्णय को रद्द करने पर कांग्रेस अड़ गई है। कांग्रेस की इस मांग से महाविकास आघाड़ी सरकार अड़चन में आती दिखाई दे रही है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले ने इस विषय पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे से समय मांगा है. सीएम से चर्चा करने के बाद कांग्रेस अपनी भूमिका स्पष्ट करेगी।

बुधवार को पटोले ने कहा कि हमने इस संबंध में अध्यादेश जारी करने के लिए नहीं कहा था. हर सामाजिक व्यवस्था को वह अधिकार होना चाहिए, जो संवैधानिक व्यवस्था के आधार पर दी जाती है. प्रमोशन में आरक्षण का विरोध करते हुए पटोले ने कहा कि सरकार को पदोन्नति में आरक्षण की नीति पर ऐसा निर्णय लेना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी विवाद उत्पन्न न हो, सामाजिक व्यवस्था में कोई संघर्ष न हो. पटोले ने कहा कि कांग्रेस के मंत्रियो ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में अध्यादेश जारी करते समय उनसे नहीं पूछा गया। उम्मीद है कि सीएम के साथ बैठक के बाद समझौता हो जाएगा। यह शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस का नहीं बल्कि संवैधानिक अधिकार का मामला है।

कैबिनेट की बैठक में हो सकती है चर्चा

बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय में मराठा आरक्षण रद्द हो जाने के बाद समाज को फायदा पहुंचाने के लिए सात मई को उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अध्यक्षता में हुई अधिकारियों की बैठक में प्रमोशन में आरक्षण देने का निर्णय लिया गया. इस निर्णय में शासकीय एवं अर्धशासकीय पदों पर कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नति में जातिगत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है. प्रमोशन में आरक्षण का जीआर निकलने के कई दिन बाद पटोले जीआर को रद्द करने की मांग कर रहे हैं. पटोले की इस मांग से सरकार अड़चन में आती दिखाई दे रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा हो सकती है.


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