भर्ती प्रक्रिया में ऊर्जा मंत्री का दखल जारी

मुंबई

ऊर्जा विभाग में होने वाली भर्ती प्रक्रिया में ऊर्जा मंत्री निरंतर दखल दे रहे है, जिसे गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री को महापारेषण के निदेशक पद की भर्ती प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगानी चाहिए। शुक्रवार को आयोजित पत्रकार परिषद में भाजपा प्रदेश मीडिया प्रमुख विश्वास पाठक ने ऊर्जा मंत्री राउत पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य बिजली बोर्ड ने हाल ही में महाट्रांस के निदेशक पद के लिए एक विज्ञापन प्रकाशित किया है। विज्ञापन में निदेशक पद के लिए पात्रता मानदंड देखकर संदेह होता है कि ऊर्जा मंत्री ने अपनी पसंद के अधिकारी को नियुक्त करने के लिए यह विज्ञापन दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि निदेशक पद की नियुक्ति के लिए पिछले नियम और शर्तों को बदल दिया गया है। विज्ञापन में कहा गया है कि उम्मीदवार को दो कार्यकाल से अधिक निदेशक के रूप में काम का अनुभव नहीं होना चाहिए। बल्कि 20 साल तक कार्यकारी अभियंता के रूप में काम करने का अनुभव होना चाहिए और कम से कम एक वर्ष का कार्यकारी निदेशक के रूप में काम का अनुभव होना चाहिए। एक महीने पहले महाजेनको के निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए थोटवे को चौथी बार नियुक्त किया गया था। हालांकि महाट्रांस के निदेशक की नियुक्ति में यह शर्त निर्धारित की गई है कि उन्हें दो से अधिक कार्यकाल के लिए काम नहीं करना चाहिए था, जो प्रक्रिया के बारे में संदेह पैदा करता है। उन्होंने कहा कि संजय ताकसांडे महापारेषण के अतिरिक्त निदेशक और महावितरण के निदेशक (संचालन) के रूप में कार्यरत हैं। महाट्रांस के निदेशक (परियोजना) का पद रिक्त है। जबकि इसका विज्ञापन प्रकाशित नहीं किया गया है। पद के लिए विज्ञापन प्रकाशित नहीं किया जाना चाहिए था बल्कि पद के लिए ‘उपयुक्त’ उम्मीदवार की इस पद पर नियुक्ति की जानी चाहिए थी।


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