प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होगी प्राणवायु

मिशन ऑक्सीजन के तहत तीन हजार मैट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य

oxygen

मुंबई

कोरोना संकट के वक्त प्राणवायु यानी ऑक्सीजन की भारी कमी महसूस की जा रही है। ऑक्सीजन की कमी से रोजाना कई मरीज अस्पतालों में दम तोड़ रहे हैं। हर राज्य केंद्र से ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाने की मांग कर रहा है। ऐसे हालत में महाराष्ट्र में मिशन ऑक्सीजन के तहत रोजाना तीन हजार मैट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन करने की योजना बनाई गई है।   मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि राज्य में 4.5 लाख बेड तैयार किए जा रहे हैं। इनमें से एक लाख ऑक्सीजन बेड हैं, जबकि 30 हजार आईसीयू बेड तथा 12 हजार वेंटिलेटर बेंड हैं। राज्य में 1200 मैट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है, जबकि डिमांड 1700 मैट्रिक टन है। केंद्र से अन्य राज्यों से 500 मैट्रिक टन ऑक्सीजन लाने की अनुमति दी है। तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सरकार ने राज्य को ऑक्सीजन के बारे में आत्मनिर्भर बनाने के लिए मिशन ऑक्सीजन के तहत तीन हजार मैट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य रखा है।

अतिरिक्त 1800 मैट्रिक टन के उत्पादन के लिए सरकार की तरफ से विभिन्न योजनाएं बनाई जा रही हैं। राज्य भर में 382 हवा से ऑक्सीजन बनाने वाले संयंत्र (पीएसए प्लांट) लगाए जा रहे हैं। इन संयंत्रों से तकरीबन 240 मैट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन होने की उम्मीद है। जून माह तक ये संयंत्र काम करने लगेंगे। इसी तरह तरल ऑक्सीजन निर्माण के संयंत्र भी लगाने की योजना है। इसके लिए जरिए 300 मैट्रिक टन ऑक्सीजन निर्माण होने की संभावना है। सरकार ऐसी जगहों पर कोविड सेंटर बनाने की योजना बना रही है, जहां नजदीक ही तरल ऑक्सीजन उपलब्ध हो, ताकि इसके परिवहन से बचा जा सके। राज्य में ऑक्सीजन भंडारण क्षमता को भी बढ़ाने की योजना है।

इधर सरकार की तरफ से राज्य में उत्पादित होने वाली ऑक्सीजन और अन्य राज्यों से प्राप्त ऑक्सीजन को सभी जिलों की आवश्यकता के अनुसार पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए एफडीए ने ऑक्सीजन आपूर्ति के बारे में विवरण पत्र जारी किए गए हैं। गुरुवार 6 मई के लिए 1731 मैट्रिक टन ऑक्सीजन आपूर्ति का विवरण पत्र तैयार किया गया। इसी तरह 4 मई को राज्य में 1720 मैट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई, जबकि 5 मई को 1661 मैट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई। 4 मई को अन्य राज्यों से मिली ऑक्सीजन में गुजरात से 116.5 मैट्रिक टन, भिलाई छत्तीसगढ़ से 60 मैट्रिक टन और बेल्लारी कर्नाटक से 81 मैट्रिक टन तरल ऑक्सीजन मिली थी।      

ऑक्सीजन की डिमांड और सप्लाई

महाराष्ट्र में उत्पादन: 1200 मैट्रिक टन

मांग: 1700 मैट्रिक टन

अन्य राज्यों से आपूर्ति: 500 

मैट्रिक टन


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