अमेठी में सियासी बढ़त लेने की लड़ाई तेज

महीने भर में दूसरी बार पहुंचीं स्मृति ईरानी

अमेठी

कोरोना महामारी के दौरान भी सियासत के गढ़ अमेठी में राजनीतिक बढ़त लेने की लड़ाई तेज हो गई है। पूर्व सांसद राहुल गांधी जहां एक ओर लगातार विभिन्न माध्यमों से लोगों को मदद भिजवा रहे हैं, वहीं वर्तमान सांसद स्मृति ईरानी महीने भर में दूसरी बार संसदीय क्षेत्र पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं के घर-घर जाकर मिल रही हैं।

2019 के लोकसभा चुनाव में गांधी नेहरू परिवार के गढ़ कहे जाने वाली अमेठी की जनता ने परिवार के वारिस राहुल गांधी के खिलाफ जनादेश देते हुए स्मृति ईरानी को अमेठी का ताज सौंपा था, लेकिन इसके बाद भी राहुल गांधी ने अमेठी से नाता बरकरार रखा और पिछले कोरोना काल में लोगों की खूब मदद की। वहीं दूसरी ओर भारी उम्मीदों के दबाव में स्मृति भी खूब निखर कर सामने आई हैं और लगातार अमेठी से जुड़ाव बनाए हुए हैं। कोरोना की दूसरी लहर के बीच भी राहुल की टीम अमेठी में सक्रिय है। अब तक राहुल गांधी के माध्यम से 20 ऑक्सीजन सिलेंडर 20 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और 20000 मास्क अमेठी के लिए भेजे जा चुके हैं। इतना ही नहीं अमेठी संसदीय क्षेत्र के हर घर को सेनेटाइज कराने का इंतजाम भी राहुल गांधी द्वारा किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर स्मृति ईरानी लगातार सक्रियता बनाए हुए हैं। स्मृति की पहल पर बने कोविड रिस्पांस टीम से सैकड़ों लोगों को इलाज आदि की व्यवस्था कराई गई। स्मृति की पहल पर उत्थान सेवा संस्थान ने 50,000 मास्क व आॅक्सीजन कंसंट्रेटर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया साथ ही भाजपा नेता व व्यवसाई राजेश अग्रहरी ने ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जाने की मंजूरी दी है। इतना ही नहीं गत 8 मई को स्मृति ईरानी अचानक अमेठी पहुंच गई और उन्होंने ना सिर्फ दिवंगत भाजपा नेताओं के घर पहुंच कर उन्हें संवेदना व्यक्त की, बल्कि कोविड कमांड सेंटर पहुंचकर स्थितियों की समीक्षा भी की। 

शुक्रवार को स्मृति एक बार फिर बिना किसी प्रोटोकाल के अचानक दौरे पर अमेठी पहुंची और कोविड काल में दिवंगत हुए पार्टी नेताओं के घर पहुंच कर उन्हें संवेदना व्यक्त की तथा जिले में कोरोना की स्थिति और टीकाकरण आदि को लेकर समीक्षा की।


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